उत्तर प्रदेश में NHM संविदा कर्मचारियों को योगी सरकार की ओर से बड़ी राहत दी गई है। NHM यानि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में पहली बार संविदाकर्मियों के लिए स्थानांतरण नीति लागू की गई है। इस नीति के तहत तीन साल की सेवा पूरी कर चुके 85 हजार संविदाकर्मियों का अंतरजनपदीय तबादला हो सकेगा। इसके लिए 3 से 14 अक्टूबर तक मानव संपदा पोर्टल पर आवेदन लिए जाएंगे। तबादला रिक्त और पारस्परिक पदों के सापेक्ष किया जाएगा।
स्थानांतरण नीति की मांग उठाई
बता दें कि साल 2005 में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की शुरुआत हुई थी। बाद में एनआरएचएम और राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन को मिलाकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन बनाया गया। इसके बाद से संविदाकर्मी लगातार स्थानांतरण नीति की मांग उठा रहे थे। करीब दो दशक बाद एनएचएम की निदेशक डा. पिंकी जोवल ने नीति जारी की है।
म्यूचुअल तबादले के आवेदन को प्राथमिकता
इसके अलावा नई नीति के अनुसार, तीन साल की सेवा अवधि में 180 दिन या इससे ज्यादा अवैतनिक अवकाश लेने वाले कर्मचारी तबादले के लिए पात्र नहीं होंगे। दिव्यांगता, गंभीर बीमारी, आकांक्षी जिले या ब्लाक में तैनाती, विधवा या तलाकशुदा महिला कर्मचारी के नाबालिग बच्चे, आश्रित माता-पिता या ससुराल पक्ष के सदस्य की गंभीर बीमारी और सरकारी सेवा, एनएचएम या केंद्रीय सशस्त्र बलों में कार्यरत पति-पत्नी से जुड़े मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी। म्यूचुअल तबादले के आवेदन भी प्राथमिकता में होंगे।












