देशभर में कोयले की आपूर्ति प्रभावित होने से विद्युत उत्पादन में कमी देखने को मिली। लेकिन इस संकट के बावजूद भी उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था को संभालने के लिए प्रभावी प्रबंधन पर जोर दिया है। इस संकट के बावजूद उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन प्रबंधन उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर रहा है। जिससे प्रदेश के ग्रामीण, तहसील, नगर पंचायत और बुंदेलखंड क्षेत्रों में निर्धारित रोस्टर के अनुसार और कई स्थानों पर उससे ज्यादा विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटा है।
विद्युत आपूर्ति की समीक्षा
अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं ऊर्जा निगमों के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने विद्युत आपूर्ति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश जारी किये। अधिकारियों को कहा कि प्रदेश के सभी क्षेत्रों में निर्धारित शिड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके लिए जहां से भी विद्युत उपलब्ध हो, उसे प्राप्त कर आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
विद्युत की कमी के बावजूद आपूर्ति
बता दें कि वर्तमान में कोयले की कमी के कारण उत्तर प्रदेश को सामान्य दिनों की तुलना में करीब 1500 से 2000 मेगावाट विद्युत की कमी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं वर्तमान परिस्थितियों में विद्युत की मांग भी पिछले साल की तुलना में बढ़ी है। वहीं कोयले की कमी के कारण लगभग 35 गीगावाट उत्पादन प्रभावित हुआ है। इसके बावजूद वर्तमान परिस्थितियों में लगभग 27,000 मेगावाट तक की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। हालांकि आगामी दो-तीन दिनों में अनपरा डी, हरदुआगंज-ई तथा जवाहरपुर की बॉयलर ट्यूब लीकेज के कारण बंद इकाइयों के उपलब्ध होने से लगभग 1500 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिलने की संभावना है।












