मध्य प्रदेश में केंद्र सरकार की आरसीएस-उड़ान 5.2 योजना के तहत विकास कार्य जारी है। इस योजना के तहत ही दताना-मताना हवाई पट्टी का विकास किया जा रहा है। जिसके लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और राज्य सरकार के बीच MoU निष्पादित हो चुका है। इस परियोजना के लिए लगभग 120 एकड़ शासकीय भूमि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को हस्तांतरित की जा चुकी है।
1800 मीटर रनवे से होगी शुरुआत
बता दें कि दताना-मताना में वर्तमान हवाई पट्टी को 1800 मीटर रनवे के लिए विकसित किया जा रहा है। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रनवे की लंबाई 27 मीटर तक बढ़ाये जाने की योजना है। इस परियोजना से उज्जैन के लिए हवाई सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों के यात्रा समय में कमी आएगी।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा विस्तार
उज्जैन देश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्रों में शामिल है। ऐसे में एयरपोर्ट के विकास से देश के विभिन्न हिस्सों से उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही व्यापार, स्थानीय परिवहन, होटल, खान-पान और अन्य सेवा क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
मध्यप्रदेश को अपना 10वां एयरपोर्ट होगा प्राप्त
मध्यप्रदेश में हवाई अधोसंरचना के विस्तार की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। बता दें कि वर्ष 2023-24 में प्रदेश में इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और खजुराहो सहित 5 प्रमुख एयरपोर्ट संचालित थे। वर्ष 2024-25 में रीवा, दतिया और सतना को जोड़ने के बाद इनकी संख्या बढ़कर 8 हो गई। इसके बाद अब शिवपुरी में नए एयरपोर्ट के विकास की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और दताना-मताना में भी एयरपोर्ट का विकास किया जा रहा है। जिसके पूरा होने पर मध्यप्रदेश को अपना 10वां एयरपोर्ट प्राप्त होगा।












