यमुना बेसिन की किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना पर एमओयू साइन किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में परियोजना से जुड़े छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। किशाऊ परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया है, इसका लगभग 90 फीसद वित्तीय भार भारत सरकार और शेष 10 फीसद राशि भागीदार राज्यों द्वारा वहन की जाएगी। बता दें कि इस परियोजना के तहत उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर बहने वाली टोंस नदी पर 232.6 मीटर ऊँचा कंक्रीट ग्रेविटी डैम बनेगा। इस डैम में 1562 मिलियन क्यूबिक मीटर जल संग्रहण होगा। परियोजना के तहत 97 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और 1476 मिलियन यूनिट स्वच्छ जलविद्युत भी प्राप्त होगी।
अमित शाह की मौजूदगी में MoU
बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल की उपस्थिति में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किशाऊ परियोजना समझौता पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह सचिव, केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग की सचिव और संबंधित राज्यों के मुख्य
सचिव भी मौजूद रहे।
इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय बनेगी परियोजना
बैठक को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने विश्वास जताया कि यह परियोजना पूरी होने के बाद यह इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय बन जाएगी। उन्होंने कहा कि इस समझौते से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली लाभान्वित होंगे। छह राज्यों ने इस परियोजना पर अपनी सहमति दी और समझौते पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और यमुना बेसिन के इन छह राज्यों के मुख्यमंत्री इस परियोजना को जल्द पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।












