देवभूमि उत्तराखंड में पर्यावरण संरक्षण पर जोर, मियावाकी पद्धति से वृक्षारोपण कार्य का किया शुभारंभ

देवभूमि उत्तराखंड में पर्यावरण संरक्षण और हरित राजमार्गों के विकास की दिशा में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने महत्वपूर्ण पहल की है।

देवभूमि उत्तराखंड में पर्यावरण संरक्षण और हरित राजमार्गों के विकास की दिशा में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने महत्वपूर्ण पहल की है। जिसके तहत प्रोजेक्ट स्पर टू हरिद्वार के अंतर्गत मियावाकी पद्धति से वृक्षारोपण कार्य का शुभारंभ किया गया। केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने इस कार्य का शुभारंभ किया।

कुल 24,176 पौधों का रोपण होगा
बता दें कि इस पहल के अंतर्गत लगभग 2 एकड़ क्षेत्रफल में कुल 24,176 पौधों का रोपण किया जाना प्रस्तावित है। मियावाकी पद्धति के माध्यम से कम क्षेत्र में ज्यादा संख्या में पौधों का रोपण किया जाएगा। जिससे घने और सघन हरित क्षेत्र का विकास किया जाएगा। इस पद्धति से क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ाने के साथ-साथ जैव-विविधता को प्रोत्साहन तो मिलेगा ही इसके साथ में पर्यावरण संरक्षण में भी सहायता मिलेगी।

कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति का अवलोकन
इस अवसर पर NHAI, क्षेत्रीय कार्यालय उत्तराखंड के ज्वाइंट एडवाइजर विजय सिंह, PIU रुड़की के मैनेजर (टेक्निकल) राजकुमार पाण्डेय सहित संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान पौधारोपण कार्य किया गया। इसके साथ ही अधिकारियों की ओर से संबंधित कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति का भी अवलोकन किया गया।

ग्रीन हाईवे की अवधारणा होगी साकार
यह पहल पर्यावरण अनुकूल अवसंरचना निर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में NHAI के प्रयासों का हिस्सा है। मियावाकी पद्धति से विकसित होने वाला यह हरित क्षेत्र क्षेत्रीय पर्यावरण को बेहतर बनाने और “ग्रीन हाईवे की अवधारणा को साकार करने” में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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