ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 का शुभारंभ हुआ। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्घाटन किया। इस इंटरनेशनल ट्रेड शो परिसर और उसके आसपास सुरक्षा का अभेद्य दुर्ग बना रहा। इस दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए। ट्रेड शो के दौरान 3,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के साथ पीएसी की सात कंपनियां तैनात रहीं। इसके साथ ही रूट से लेकर हेलीपैड, प्रवेश द्वार, गैलरी और हॉल तक पुलिस की नजर रही।
सुरक्षा की कई परतें
ज्वाइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में ट्रेड शो के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था की पहली परत आउटर कॉर्डन रही। इसके तहत कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने वाले प्रमुख मार्गों के साथ रिंग रोड, अंडरपास, वेंडिंग जोन और मेट्रो स्टेशन जैसे स्थानों पर पुलिस की ड्यूटी रही।
सुरक्षा का कड़ा पहरा
वही सुरक्षा की दूसरी परत इनर कॉर्डन रही। इसके तहत इंटरनेशनल ट्रेड शो के आंतरिक प्रवेश द्वार, गैलरी और हॉल को सुरक्षा घेरे में रखा गया। गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवागमन वाले मार्गों पर भी विशेष पुलिस ड्यूटी रही। कार्यक्रम स्थल के अंदर प्रवेश व्यवस्था और वीआईपी मूवमेंट पर लगातार निगरानी रखी गई।
बॉर्डर चेकिंग पर रही निगरानी
इसके अलावा जिला स्तरीय आंतरिक सुरक्षा प्लान के तहत बॉर्डर चेकिंग, रूट ड्यूटी, रूफटॉप निगरानी और एंटी-ड्रोन ड्यूटी भी रही। एंटी-डेमो टीमों को भी जिम्मेदारी दी गई। किसी संभावित प्रदर्शन या व्यवधान से निपटने के लिए खास इंतजाम किया। वहीं वीआईपी मूवमेंट के दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक व्यवस्था भी सुरक्षा प्लान के साथ सक्रिय रही।
एंटी-डेमो टीमें रही सक्रिय
इसके साथ ही चिन्हित स्थानों पर विशेष टीमों की तैनाती रही। एंटी-डेमो व्यवस्था के तहत परी चौक, सूरजपुर, महामाया फ्लाईओवर और सेक्टर-14 समेत चिन्हित स्थानों पर टीमों की ड्यूटी रही। इन टीमों को किसी संभावित प्रदर्शन या अप्रत्याशित स्थिति में तत्काल पुलिस प्रतिक्रिया के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई।












