मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभार्थियों के लिए यह जानकारी बेहद जरूरी है। अगर आप भी इस योजना का लाभ उठा रहे है तो आपके खाते में योजना के तहत अगली किस्त पहुंचने की राह में बैंक संबंधी औपचारिकताएं बाधा बन सकती हैं। बता दें कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले में करीब 800 लाभार्थियों के मामले केवाईसी के अभाव में लंबित हैं।
अभिभावकों को निर्देश जारी
अभिभावकों की लापरवाही से बच्चों को मिलने वाली आर्थिक सहायता पर प्रभाव पड़ सकता है। इसके तहत जिला प्रोबेशन अधिकारी ने सभी लाभार्थियों के अभिभावकों को निर्देश जारी किए हैं जिनके अनुसार दो दिसंबर तक बैंक खाते की केवाईसी, आधार लिंकिंग, एनपीसीआई और डीबीटी की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से पूरी कराने को कहा गया है।
बैंक पहुंचकर खाते की स्थिति जांचें
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की आगामी किस्त की धनराशि आधार आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से ही बच्चों के बैंक खाते में भेजी जाएगी। इसके लिए जरूरी है कि बच्चे के नाम से बैंक खाता हो। इसके साथ ही उसका आधार से एनपीसीआई मैपिंग होना जरूरी है। इसके अलावा खास बात यह है कि योजना में जिस बैंक खाते का नंबर दर्ज है, धनराशि उसी खाते में भेजी जाएगी। दूसरे खाते की जानकारी देने या सिर्फ आधार लिंक कराने से प्रक्रिया पूरी नहीं मानी जाएगी। ऐसे में अभिभावक तत्काल बैंक पहुंचकर खाते की स्थिति जांचें। और इससे जरूरी औपचारिकताएं पूरी कराएं। जिससे तकनीकी या दस्तावेजी कमी के कारण बच्चों की आर्थिक सहायता बाधित न हो।











