मध्य प्रदेश कैबिनेट की अहम बैठक आयोजित की गई। सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में जनजातीय कार्य विभाग की ओर से संचालित 94 सांदीपनि विद्यालयों के विद्यार्थियों के परिवहन के लिए 241.88 करोड़ की स्वीकृति दी गई। वहीं विद्यार्थियों के परिवहन की दर 10,000 प्रति विद्यार्थी प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 21,000 प्रतिवर्ष की जाएगी।
बैठक में क्या फैसले?
इसके अलावा कैबिनेट बैठक में शासकीय स्कूलों, छात्रावासों, पुस्तकालयों एवं आवासीय खेलकूद भवनों के निर्माण और विस्तार से संबंधित योजना के वर्ष 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 2,875.20 करोड़ की स्वीकृति दी गई। आयुष विभाग की आयुष महाविद्यालय एवं चिकित्सालय से संबंधित अम्ब्रेला योजना के वर्ष 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 3,535 करोड़ और राष्ट्रीय आयुष मिशन के निरंतर संचालन के लिए 1,697.62 करोड़ की मंजूरी दी गई।
विभिन्न योजनाओं के लिए करोड़ों रुपए मंजूर
मंत्रिमंडल ने राज्य के समस्त अधीनस्थ न्यायालयों, यथा जिला एवं सत्र न्यायालय, सिविल न्यायालयों आदि में पदस्थ न्यायिक अधिकारियों एवं न्यायालयीन कर्मचारियों के वेतन, भत्तों एवं कार्यालय व्ययों के देयकों के भुगतान आदि संबंधी योजनाओं के लिए 12,252.66 करोड़ स्वीकृत किए हैं। इसके अलावा न्यायालय भवनों के निर्माण से संबंधित योजनाओं के लिए 1,530 करोड़ मंजूर किए हैं।
विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के लिए फैसला
विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं की वर्ष 2031 तक निरंतरता के लिए 3,076.37 करोड़ की स्वीकृति बैठक में प्रदान की गई। सिंगरौली जिले की चितरंगी दाबयुक्त सूक्ष्म वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 1,320.14 करोड़, बुरहानपुर जिले की झिरमिटी मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 922.91 करोड़, मंदसौर जिले की कयामपुर-सीतामऊ दाबयुक्त सूक्ष्म वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 750.83 करोड़ की स्वीकृति दी गई। वहीं रायसेन जिले की बारना वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 82.49 करोड़ की मंजूरी दी गई है।












