विश्व सर्कुलर इकोनॉमी फोरम 2026 का उद्घाटन, भूपेंद्र यादव ने कहा-“कचरे को बेकार नहीं, नये संसाधन की शुरुआत के तौर पर देखें”

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने गांधीनगर में विश्व सर्कुलर इकोनॉमी फोरम (डब्ल्यूसीईएफ) 2026 के उद्घाटन समारोह में शिरकत की।

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने गांधीनगर में विश्व सर्कुलर इकोनॉमी फोरम (डब्ल्यूसीईएफ) 2026 के उद्घाटन समारोह में शिरकत की। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि किसी वस्तु को बदलने से पहले उसकी मरम्मत, फेंकने से पहले पुन उपयोग और अपशिष्ट के रूप में छोड़ने से पहले पुनर्चक्रण की परंपरा भारतीय जीवन पद्दति का हिस्सा रही है। सिर्फ नियम बनाने से सर्कुलर इकोनॉमी का निर्माण नहीं हो सकता और इसकी शुरुआत लोगों के उपभोग करने के तरीके से भी होनी चाहिए।

सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा
इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि कचरे को किसी उत्पाद की यात्रा का अंत नहीं समझना चाहिए। बल्कि नए संसाधन चक्र की शुरुआत के रूप में इसे देखा जाना चाहिए। विकास को अधिक संसाधन-कुशल, लचीला तथा टिकाऊ बनाने के वास्ते सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देना चाहिए। मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि सर्कुलर इकोनॉमी स्वाभाविक रूप से सहयोगात्मक है और इसके लिए ज्ञान, प्रौद्योगिकी, वित्त तथा उत्तरदायित्व को एक देश से दूसरे देश और विभिन्न क्षेत्रों के बीच साझा करना होगा।

जरात में संसाधनों के पुन उपयोग की परंपरा
इस मौके पर मौजूद गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि दक्षिण एशिया में पहली बार विश्व सर्कुलर इकोनॉमी फोरम का आयोजन किया गया है जो भारत के बढ़ते वैश्विक नेतृत्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मिशन लाइफ वैश्विक सर्कुलर इकोनॉमी की आधारशिला के रूप में उभर रहा है और इस मंच को वसुधैव कुटुंबकम की भावना के अनुरूप दुनिया के लिए व्यावहारिक सर्कुलर समाधान विकसित करने चाहिए। उन्होंने कहा कि गुजरात में संसाधनों के पुन उपयोग और कचरे से उपयोगी वस्तुएं बनाने की परंपरा लंबे समय से रही है।

संबंधित खबरें

स्टेट न्यूज़

टॉप स्टोरीज़