पीएम श्री योजना के तहत 13,092 स्कूलों का चयन किया गया है। 7 सितंबर 2022 को प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम श्री) योजना का शुभारंभ किया गया था। इस योजना का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दृष्टिकोण के अनुरूप 14,500 से अधिक मॉडल (उत्कृष्ट) स्कूलों का विकास करना है।
13,092 स्कूलों का चयन
बता दें कि जुलाई 2026 तक, लक्ष्य के लगभग 90 फीसदी हिस्से को पूरा कर लिया गया है। जिसके तहत 36 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में 13,092 स्कूलों का चयन किया जा चुका है। जिनमें केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के अंतर्गत आने वाले स्कूल शामिल हैं। इन स्कूलों का चयन निर्धारित गुणवत्ता मानकों के आधार पर तीन चरणों वाली ‘चैलेंज मोड’ प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है।
शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव
भारत में स्कूली शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव हो रहा है। जिसमें गुणवत्ता, समानता, भविष्य के लिए तैयार शिक्षण पर विशेष बल दिया जा रहा है। बता दें कि 14.71 लाख स्कूलों में 24.69 करोड़ से ज़्यादा छात्र पढ़ रहे हैं। ऐसे में भारत की शिक्षा व्यवस्था का फोकस अब सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने में है। इसके साथ ही एक ऐसा सक्षम वातावरण तैयार करने पर केंद्रित है, जो हर छात्र के सर्वांगीण विकास में मदद करे।
योजना का मकसद
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 इस बदलाव के लिए एक व्यापक रूपरेखा तैयार करती है, जबकि ‘पीएम श्री’ पहल स्कूल स्तर पर इसके दृष्टिकोण को लागू करती है। इस योजना का मकसद मौजूदा स्कूलों को बेहतर बनाना है। जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को असरदार ढंग से लागू करने का उदाहरण पेश करें। 27,360 करोड़ रुपए की कुल लागत वाली यह योजना 14,500 से ज्यादा मौजूदा स्कूलों को आदर्श संस्थानों के रूप में मजबूत करने पर केंद्रित है।












