दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने त्यौहारी सीजन को देखते हुए सराहनीय पहल की है। सीएम रेखा गुप्ता ने धार्मिक आस्था के साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया है। दिल्ली सरकार की इस पहल के तहत 110 चिन्हित स्थानों पर विशेष ‘संग्रह केंद्र’ स्थापित किए जा रहे हैं। जिससे पुरानी और खंडित धार्मिक मूर्तियों और पूजा सामग्री के सम्मानजनक निस्तारण हो सकेगा।
कृत्रिम विसर्जन तालाबों की तैयारी
इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने गणेश विसर्जन के लिए दिल्ली में 81 चिन्हित स्थानों पर कृत्रिम विसर्जन तालाबों की तैयारी पूरी कर ली है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य है कि आस्था से जुड़ी धार्मिक परंपराओं को पूरी श्रद्धा के साथ निभाया जाए। लेकिन इसके साथ-साथ ही दिल्ली की स्वच्छता और पर्यावरण का भी पूरा ध्यान रखा जाए।
खंडित मूर्तियों का सम्मानजनक विकल्प
गौरतलब है कि अक्सर पुरानी या खंडित मूर्तियों और पूजा-पाठ से संबंधित सामग्री को लोग धार्मिक भावनाओं के कारण पेड़ों के नीचे, पार्कों, सड़क किनारे या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर रख देते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार की ओर से ऐसे 110 स्थानों की सूची तैयार की गई है, जहां विशेष ‘संग्रह केंद्र’ स्थापित किए जा रहे है। मंदिरों सहित विभिन्न उपयुक्त स्थानों पर उपलब्ध इन पात्रों में श्रद्धालु पुरानी, खंडित या धार्मिक सामग्री को सम्मानपूर्वक जमा कर सकेंगे।
गणेश विसर्जन के लिए विशेष तैयारी
वहीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गणेश उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल विसर्जन की सुविधा देने के लिए 81 चिन्हित स्थानों पर कृत्रिम विसर्जन तालाबों की तैयारी पूरी की है। इनमें दिल्ली के विभिन्न जिलों में निर्धारित स्थान शामिल हैं। गणेश विसर्जन की तैयारियों में सुरक्षा, स्वच्छता, लाइट, चिकित्सा, आपातकालीन व्यवस्था, जैसे पहलुओं को भी शामिल किया गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन निर्धारित कृत्रिम विसर्जन स्थलों पर ही किया जाए। यमुना नदी या अन्य जल निकायों में विसर्जन न किया जाए। इसी तरह सीएम रेखा गुप्ता ने पूजा सामग्री, फूल-माला और अन्य धार्मिक सामग्री को भी नदियों या जलाशयों में न डालने की अपील की है।












