दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने धर्म मार्ग में आयोजित एक डेंटल हेल्थ अवेयरनेस कैंप का उद्घाटन किया। इस कैंप की खास बात यह है कि इसमें दांतों और मुंह से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं की जांच के लिए पारंपरिक प्रक्रियाओं के साथ आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया। AI आधारित डायग्नोस्टिक समाधान किए गए जो लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे। इस अवसर पर उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक का इस्तेमाल सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसका फायदा बीमारी की जल्दी पहचान और समय रहते बचाव में भी मिलना चाहिए।
बीमारी की शुरुआती पहचान पर फोकस
बता दें कि इस कैंप में AI-संचालित डायग्नोस्टिक समाधान का इस्तेमाल किया गया। जिसका उद्देश्य दांतों और ओरल हेल्थ से जुड़ी संभावित समस्याओं की शुरुआती पहचान में मदद करना है। ऐसे सिस्टम चिकित्सकीय जांच का विकल्प नहीं हैं, लेकिन स्क्रीनिंग और शुरुआती स्तर पर संदिग्ध मामलों को पहचानने में तकनीकी सहायता दे सकते हैं। उपराज्यपाल संधू ने इसी दिशा में प्रिवेंटिव हेल्थकेयर की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने लोगों को संदेश दिया कि बीमारी गंभीर रूप ले, उससे पहले उसकी पहचान हो और व्यक्ति समय पर डॉक्टर से सलाह ले।
‘स्वस्थ भारत’ और ‘विकसित भारत’ के विजन का जिक्र
उपराज्यपाल संधू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वस्थ भारत’ और ‘विकसित भारत’ के विजन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ भारत ही विकसित भारत की बुनियाद है। उनके मुताबिक, एडवांस टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल स्वास्थ्य सेवाओं को ज्यादा सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बनाने में मदद कर सकता है।
AI जैसी तकनीकों की भूमिका पर जोर
हाल ही में कैंसर केयर पर एक कार्यक्रम में भी उपराज्यपाल संधू ने शुरुआती पहचान, स्क्रीनिंग और AI जैसी तकनीकों की भूमिका पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि मेडिकल इनोवेशन का वास्तविक फायदा तभी है जब वह लोगों तक पहुंच सके और किफायती भी रहे।












