मध्य प्रदेश के सागर जिले में शराबकांड से हुई मौतों के बाद राज्य की मोहन यादव सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सीएम मोहन यादव के जीरो टॉलरेंस के निर्देश के बाद प्रशासन ने एक्शन तेज कर दिया है। सीएम के निर्देश पर पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने शराबकांड से जुड़े आरोपियों की संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया। जिसके तहत मुख्य आरोपी चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू समेत पांच मकानों और निर्माणों को ध्वस्त किया गया।
संयुक्त टीम ने कार्रवाई को दिया अंजाम
प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान कथित नकली शराब माफिया चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू के मकान पर भी बुलडोजर कार्रवाई की गई। इसके अलावा आशीष साहू के एक मकान और मनीष लोधी के तीन मकानों को हटाने की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के लिए मौके पर तीन जेसीबी मशीनें और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस, प्रशासन और बंडा नगर पालिका की संयुक्त टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक्शन
बंडा एसडीएम संजय जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत शराब माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की गई है। प्रशासन ऐसे लोगों को चिह्नित कर रहा है, जिन्होंने शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर मकान, भवन, गोदाम अथवा अन्य निर्माण किए हैं। इसके साथ ही कृषि भूमि पर अनधिकृत कब्जे के मामलों में भी एक्शन लिए जा रहे हैं।
बड़ी संख्या में लोगों की मौत
बता दें कि बंडा और शाहगढ़ क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से बड़ी संख्या में लोगों की मौत के बाद यह मामला गंभीर हो गया है। मामला संज्ञान में आते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद सागर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की। इस दौरान सीएम ने अस्पताल में भर्ती पीड़ितों का भी हाल-चाल जाना। सीएम मोहन यादव ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन ने शराबकांड से जुड़े आरोपियों और उनकी संपत्तियों पर कार्रवाई का अभियान तेज कर दिया।











