उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष पर एक के बाद एक जमकर प्रहार किए। सीएम धामी ने कहा कि, “कांग्रेस और राहुल गांधी को भविष्य में भी हार की टीस महसूस होती रहेगी। विपक्ष के नेता जैसा अहम पद संभालने के बावजूद, उनमें अपेक्षित गंभीरता नज़र नहीं आती। कांग्रेस की आदत बन गई है कि वह अपनी हार के लिए कभी EVM तो कभी संवैधानिक संस्थाओं को दोष देती है। जिन लोगों का भरोसा कांग्रेस पहले ही खो चुकी है, उसे अब अपनी हार के लिए कोई नया बहाना ढूंढना होगा।”
विपक्ष पर साधा निशाना
सीएम ने कहा कि, “कांग्रेस पार्टी ने हल्द्वानी की घटना को जातिगत रंग देकर समाज को बांटने की कोशिश की। हर मुद्दे में जाति खोजना उनकी राजनीति का हिस्सा बनता जा रहा है, जबकि उत्तराखंड की पहचान हमेशा से सामाजिक सद्भाव और भाईचारे की रही है। उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान हुई खतौली, मसूरी और रामपुर तिराहा गोलीबारी की घटनाओं को कभी नहीं भुला सकता। उस समय उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी।”
काले अध्यायों को याद रखना ज़रूरी
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि, “इतिहास के इन काले अध्यायों को याद रखना ज़रूरी है, क्योंकि हमारे आंदोलन के नेताओं का संघर्ष और उनका बलिदान उत्तराखंड के निर्माण से जुड़ा हुआ है। चाहे NSA अजीत डोभाल पर राहुल गांधी के आरोप हों या दिवंगत CDS जनरल बिपिन रावत पर किसी कांग्रेस नेता की आपत्तिजनक टिप्पणी, देश की सेवा करने वालों के बारे में कांग्रेस नेताओं की भाषा बार-बार सवाल खड़े करती है। राजनीतिक विरोध एक बात है, देश सेवा के प्रति सम्मान दूसरी बात।”











