उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। इतिहास में पहली बार, राज्य कैबिनेट की बैठक चंपावत के बनबसा में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास आयोजित की गई, जिसमें राज्य के समग्र विकास और जन-कल्याण से जुड़े विभिन्न अहम मुद्दों पर अहम फैसले लिए गए। सीएम धामी ने कहा कि, “ये फैसले राज्य के विकास को नई गति देने और जन-कल्याण कार्यों को और अधिक मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।”
बैठक में क्या फैसले?
कैबिनेट बैठक में रेजिडेन्ट सीनियर और जूनियर डॉक्टरों के देय वेतन/मानदेय के पुनर्निर्धारण को मंजूरी दी है। उप कारापाल के पद पर साक्षात्कार की व्यवस्था समाप्त होगी। निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए निर्धारित नीति एवं मानकों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। नरेन्द्रनगर, टिहरी में उप निबंधक कार्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई है।
PMU के गठन को मंजूरी
इसके साथ ही बैठक में जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी पद को लोक सेवा आयोग के दायरे से बाहर करने को मंजूरी दी गई है। पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन विभागों में प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए महानिदेशक के नवीन पद सृजन को मंजूरी दी गई है। संपत्ति लेन-देन में PAN Verification व्यवस्था लागू करने को मंजूरी दी गई है। वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के लिए परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) के गठन को मंजूरी दी गई है।
सतर्कता अधिष्ठान के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी
इसके अलावा कैबिनेट बैठक में सतर्कता अधिष्ठान के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना, 2026 संचालित किए जाने को मंजूरी का फैसला लिया है। वहीं उत्तराखण्ड वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंजूरी है।











