ऑफिशियल नोटिफिकेशन

UGC का नया अवतार अब बना VBSA (विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान) मेडिकल और लॉ शिक्षा दायरे से बहार

मोदी सरकार द्वारा UGC को खत्म नहीं किया गया है बल्कि उसके साथ उच्च शिक्षा से सम्बंधित अन्य निकायों को मिलाकर एक जगह एक ही सिस्टम मे मिला दिया गया है जिससे उच्च शिक्षा को अधिक सुव्वस्थित किया जायेगा. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC), जिसका गठन 1953 में हुआ था और 1956 में संसद के अधिनियम के तहत वैधानिक निकाय बना, अब इसका स्थान विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान (VBSA) लेगा जो देश के सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों का एकीकृत नियामक होगा संरचना के तीन प्रमुख स्तंभ होंगे विकसित भारत शिक्षा विनियम परिषद : नियामक की जिम्मेदारी संभालेगी. विकसित भारत शिक्षा गुणवत्ता परिषद : प्रत्यायन और संबंधी जिम्मेदारियां निभाएगी. विकसित भारत शिक्षा मानक परिषद : शैक्षणिक मानक तय करने का कार्य करेगी. इस नए संसथान के गठन पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वर्तमान में विभिन्न संस्थाएं होने के कारण समन्वय की समस्या थी. लेकिन अब VBSA के गठन से यह समस्या समाप्त होगी. अब विश्वविद्यालय, तकनीकी संस्थान और शिक्षक शिक्षा संस्थान एक ही संस्था के तहत संचालित होंगे. इससे फैसले तेजी से होंगे, पारदर्शिता बढ़ेगी और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा. By: Abplive.com

UGC का नया अवतार अब बना VBSA (विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान) मेडिकल और लॉ शिक्षा दायरे से बहार Read More »

लागू हुआ शुल्क बढ़ोतरी Act: तंबाकू उत्पादों पर लगेगा भारी शुल्क

सरकार ने किआ Central Excise (संशोधन) Act, 2025 को अधिसूचित, जिसमे तंबाकू और उससे  जुड़े उत्पादों पर उत्पाद शुल्क में भारी बढ़ोतरी की गई है। पहले सिगरेट पर प्रति 1,000 छड़ों पर ₹200-₹735 उत्पाद शुल्क लगया जाता था, जिसको बढ़ाकर ₹2,700–₹11,000 प्रति 1,000 कर दिया गया है। सिगार, हुक्का तंबाकू, चबाने वाला तंबाकू, ज़र्दा और सुगंधित तंबाकू जैसे उत्पादों का शुल्क भी भड़ा दिआ गया है। सरकार ने यह कानून लोगो के स्वस्थ को मद्देनजर रखकर लाया है कि जिससे तंबाकू का सेवन कम हो और लोग स्वस्थ रहे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि यह “सेस” नहीं बल्कि “उत्पाद शुल्क” है, और इस बढ़े हुए शुल्क का कुछ हिस्सा राज्यों के साथ साझा किया जाएगा। By: Lokmattimes.com

लागू हुआ शुल्क बढ़ोतरी Act: तंबाकू उत्पादों पर लगेगा भारी शुल्क Read More »

EPFO Pension Calculation: 30 Years Private Job में कितना मिलेगा हर महीने? पूरी जानकारी यहां

EPFO: कई प्राइवेट कर्मचारी अक्सर सोचते हैं कि उन्हें रिटायरमेंट के बाद कितनी पेंशन मिलेगी? क्या यह सरकारी कर्मचारियों जैसी होती है। EPF और EPS के तहत मिलने वाली यह पेंशन पूरी तरह इस बात पर निर्भर करती है कि आपने कितने साल नौकरी की और आपकी आखिरी सैलरी कितनी थी। अगर कर्मचारी ने कम से कम 10 साल काम किया है, तो 58 साल की उम्र के बाद उसे हर महीने तय फॉर्मूले के हिसाब से पेंशन मिलती है। लेकिन अगर 10 साल पूरे होने से पहले नौकरी छोड़ दी, तो मंथली पेंशन की जगह सिर्फ जमा की गई रकम वापस मिलती है। EPFO का यह नियम जानते हुए समझ आता है कि नौकरी बदलते समय EPF को निकालने के बजाय ट्रांसफर करना क्यों जरूरी है। पेंशन पाने के लिए 10 साल की नौकरी जरूरी EPS के नियमों के अनुसार, किसी कर्मचारी को पेंशन उसी समय मिलती है जब उसने कम से कम 10 साल नौकरी की हो। रिटायरमेंट की उम्र 58 साल तय की गई है, हालांकि 50 साल की उम्र में कम पेंशन का ऑप्शन भी मिलता है। अगर कर्मचारी 10 साल पूरे होने से पहले नौकरी छोड़ देता है तो उसे मंथली पेंशन नहीं मिलेगी। इसके बजाय, रिटायरमेंट के समय EPS अकाउंट में जमा पूरे अमाउंट को एक साथ दिया जाएगा। By moneycontrol.com

EPFO Pension Calculation: 30 Years Private Job में कितना मिलेगा हर महीने? पूरी जानकारी यहां Read More »