उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना को लेकर हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर केन्द्र सरकार का आभार जताया। साथ ही सभी सहभागी राज्य सरकारों का भी आभार व्यक्त किया। सीएम धामी ने इस समझौते को किशाऊ परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
बेहतर समन्वय से परियोजना को निर्णायक गति
इस परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि किशाऊ परियोजना की परिकल्पना वर्ष 1940 में की गई थी। लेकिन विभिन्न कारणों से यह लंबे समय तक लंबित रही। जिसके बाद अब केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से परियोजना को निर्णायक गति मिली है।
एमओयू के साथ मिला औपचारिक रूप
सीएम धामी ने कहा कि इस परियोजना को लेकर 16 जून को बैठक हुई थी। जिसके बाद परियोजना से जुड़ी जो भी कई महत्वपूर्ण अड़चने थी उनका समाधान निकाला गया। इसके बाद केंद्र और सहभागी राज्यों के बीच लगातार समन्वय से परियोजना को आगे बढ़ाया गया। और अब मंगलवार को एमओयू के साथ इसे औपचारिक रूप दिया गया।
किन राज्यों को मिलेगा योजना का लाभ?
बता दें कि किशाऊ परियोजना से करीब 1562 एमसीएम क्षमता का जलाशय बनने और 422 मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता विकसित होने की संभावना है। इस परियोजना का लाभ उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान को मिलेगा। इससे अपर यमुना बेसिन में जल उपलब्धता, सिंचाई, पेयजल और ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।












