केन्द्रीय मंत्री अमित शाह पंजाब के लुधियाना में विजयादशमी के अवसर पर रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित रावण दहन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर अमित शाह ने कार्यक्रम को संबोधित भी किया और पंजाब की भगवंत मान सरकार को जमकर घेरा। अमित शाह ने कहा कि, “नशे के खिलाफ आवाज उठाने पर अपना जीवन गँवाने वाले विक्रमजीत सिंह, गुलजार सिंह और परविंदर सिंह झोटा के परिजनों से मिला। पीड़ित परिवार वालों से जो हकीकत जानी वह झकझोर देने वाली है।”
‘पंजाब को नशे के कारोबार से करेंगे मुक्त’
केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि, “प्रभु राम के आशीर्वाद से पंजाब को नशे के कारोबार से मुक्त करके रहेंगे। विजयादशमी के दिन पंजाब की जनता से संकल्प लेकर जाता हूँ कि 31 दिसंबर 2029 तक पूरे प्रदेश को नशे के कारोबार से पूरी तरह मुक्त करके रहेंगे।”
CBI को सौंपी जानी चाहिए जांच
अमित शाह ने आगे कहा कि, “पंजाब में हत्या के तीनों मामलों की जाँच CBI को सौंपी जानी चाहिए। इन हत्याओं में कितना भी बड़ा व्यक्ति संलिप्त हो और पाताल में भी छिप जाए, मोदी सरकार उसे ढूँढ़कर जेल की सलाखों के पीछे डालेगी। भगवंत मान सरकार ने तीन महीने में नशा समाप्त करने का वादा किया था, पाँच साल बीत जाने के बाद भी पंजाब में नशे का कारोबार लगातार बढ़ता ही गया।”












