केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नशे के खिलाफ आवाज उठाने पर अपना जीवन गँवाने वाले विक्रमजीत सिंह, गुलजार सिंह और परविंदर सिंह झोटा के परिजनों से मुलाकात की। अमित शाह ने इस कठिन समय में परिजनों को संबल दिया और कठोर कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
प्रदेश के भविष्य को अंधकार में धकेला
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि, “पंजाब में नशे के कारोबार ने एक ओर युवाओं को अपना शिकार बनाकर प्रदेश के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है, वहीं माताओं, बहनों और बेटियों को कभी न भरने वाला घाव दे दिया है। नशे के कारोबार के खिलाफ संघर्ष करने वाले स्व. गुलजार सिंह पर इतना दबाब बनाया गया कि उन्होंने आत्महत्या कर ली। संगरूर के तूर बंजारा में उनके परिजनों से मिला। इस परिवार ने जो खोया है, उसकी भरपाई असंभव है।”
‘AAP सरकार ने आँखें मूँद लीं’
अमित शाह ने कहा कि “चिट्टे के काले कारोबार के खिलाफ AAP सरकार ने आँखें मूँद लीं है। प्रदेश में हमारी सरकार बनते ही इन चिट्टे कारोबारियों की उल्टी गिनती शुरू हो जाएगी और पंजाब इस काले कारोबार से पूरी तरह मुक्त होगा।”
नशे के सौदागरों पर होगी कार्रवाई
साथ ही केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि, “परविंदर सिंह झोटा की हत्या ने भगवंत मान सरकार में चरम पर पहुँच चुके चिट्टे के कारोबार और जर्जर कानून व्यवस्था को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। पंजाब की युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए किया गया उनका संघर्ष सदैव स्मरण किया जाएगा। पंजाब को चिट्टे के अभिशाप से मुक्त कराने में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। नशे के इन सौदागरों पर अत्यंत कठोर कार्रवाई की जाएगी।”











