केंद्र सरकार ने नॉन-शेड्यूल्ड कैंसर दवाओं पर अधिकतम मुनाफ़े की सीमा 30% तय करने को मंज़ूरी दी है। इससे दवाओं की कीमतें 70% तक कम होने और मरीज़ों को सालाना लगभग 2,500 करोड़ की बचत होने की उम्मीद है।
करीब 2,500 करोड़ की होगी बचत
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस फैसले को लेकर कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संवेदनशील नेतृत्व में लिए गए इस फैसले से कैंसर से पीड़ित मरीजों को हर साल करीब 2,500 करोड़ की बचत होने का अनुमान है। बता दें कि फैसले के तहत यह नई मूल्य सीमा सभी प्रकार की गैर-अनुसूचित दवाओं पर लागू होगी। चाहे वे ब्रांडेड हों या जेनेरिक, देश में बनी हों या विदेशों से आयातित हो , और पेटेंटेड हों या बिना पेटेंट वाली। इसके दायरे में लगभग 110 कैंसर रोधी दवाएं आएंगी, जिनमें 35 पेटेंट वाली दवाएं भी शामिल हैं।
लाखों परिवारों को मिलेगी बड़ी राहत
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि, “केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के प्रयासों से लिया गया यह अहम फ़ैसला उन लाखों परिवारों को बड़ी राहत देगा जो अपने प्रियजनों के इलाज के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। यह हर मरीज़ के लिए बेहतर और सस्ता इलाज और हर परिवार के लिए आर्थिक मदद सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”












