दिल्ली में सत्य निकेतन हादसे के बाद रेखा गुप्ता सरकार पूरी तरह गंभीर नजर आ रही है। दिल्ली में अब छात्रों के लिए सुरक्षित और पर्याप्त आवास उपलब्ध कराने की कवायद शुरू हो गई है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने शिक्षा मंत्री आशीष सूद की अध्यक्षता में 18 सदस्यीय उच्च-स्तरीय समिति के गठन को मंजूरी दी है। बता दें कि 18 सदस्यीय उच्च-स्तरीय समिति छात्र आवास की कमी का आकलन करेगी। इसके साथ ही सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के लिए नीतिगत दिशा और अंतर-विभागीय समन्वय तय करेगी।
60 दिनों के अंदर सिफारिशें सौंपेगी
इस समिति को 60 दिनों के अंदर अपनी सिफारिशें सौंपने का निर्देश दिया गया है। इसके तहत दिल्ली में छात्रावासों की कमी का आकलन किया जाएगा। साथ ही विश्वविद्यालयों, एमसीडी, डीडीए और अन्य सरकारी एजेंसियों के माध्यम से छात्र आवास के निर्माण या विस्तार की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
7 सितंबर को हुई थी बड़ी बैठक
बता दें कि 7 सितंबर को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और शिक्षा मंत्री आशीष सूद भी मौजूद थे। इस बैठक में हादसा को लेकर विस्तृत चर्चा की गई थी। इसमें पीजी के लिए निर्धारित दिशा निर्देशों की समीक्षा करने, विश्वविद्यालयों, एमसीडी और डीडीए के माध्यम से वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराने और खाली पड़े सरकारी भवनों को छात्रों के आवास के लिए इस्तेमाल करने की व्यवहार्यता का आकलन करने के निर्देश दिए गए थे।











