सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार पूरी तरह गंभीर है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नेशनल डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फ़ोर्स (NDRF) के अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में पूरे शहर में इमारतों की सुरक्षा को लेकर विस्तार से चर्चा की गई जिसके बाद बड़ा फैसला लिया गया। इस फैसले के तहत दिल्ली को अपनी ‘स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स’ (SDRF) मिलने जा रही है।
1,100 जवान होंगे तैनात
बता दें कि हाई-लेवल मीटिंग के दौरान फैसला लिया गया कि दिल्ली सरकार के तहत 1,100 जवानों वाली एक SDRF बटालियन का गठन किया जाएगा। इस फ़ोर्स को NDRF की ओर से ट्रेनिंग दी जाएगी। यह विशेष बटालियन आपदा की स्थितियों में तेज़ी से कार्रवाई करने, बचाव और राहत कार्य करने में सक्रिय रहेगी। इसके साथ ही जान-माल के नुकसान को कम करने में मदद करने में सक्षम होगी।
हाई-लेवल मीटिंग में फैसला
दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हाई-लेवल मीटिंग आयोजित हुई। इस बैठक में दिल्ली के मुख्य सचिव राजीव वर्मा, NDRF के डायरेक्टर जनरल पीयूष आनंद, इंस्पेक्टर जनरल नरेंद्र बुंदेला और अलग-अलग विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। NDRF के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को प्रस्तावित SDRF के बारे में जानकारी दी और बताया कि यह फ़ोर्स राज्य सरकार के तहत काम करेगी और आपातकालीन स्थितियों में तेज़ी से तैनात की जाएगी।
खास ट्रेनिंग का इंतज़ाम
सत्य निकेतन में पेइंग गेस्ट बिल्डिंग गिरने की घटना में 7 लोगों की जान चली गई। जिसके कारण पूरे शहर में इमारतों की सुरक्षा को लेकर सख्ती शुरू हो गई है। अब दिल्ली सरकार के इस फैसले के तहत प्राकृतिक और मानव-निर्मित आपदाओं से निपटने और तैयारी के मामले में राजधानी दिल्ली और मजबूत होगी। इसके साथ ही दिल्ली सरकार फ़ायर डिपार्टमेंट और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स के जवानों के लिए भी खास ट्रेनिंग का इंतज़ाम करेगी। इससे आपदा के समय कार्रवाई के दौरान अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल को मज़बूत करने के लिए












