November 3, 2025

3000 श्रद्धालु, संभालने वाला कोई नहीं, भगदड़ में 9 मौतें: चश्मदीद बोले- मंदिर में दम घुटा, लोग गिरे तो भीड़ कुचलकर निकलती रही

‘सुबह के 10 बजे थे। उस दिन एकादशी थी, इसलिए मैं परिवार के साथ भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन करने काशीबुग्गा गई थी। वहां इतनी भीड़ थी कि हम एक घंटे तक लाइन में लगे रहे, तब मुख्य द्वार तक पहुंच पाए। मंदिर में अंदर जाने और बाहर निकलने का एक ही रास्ता था। वो भी बहुत संकरा था, इसलिए हालात बिगड़ने लगे। करीब 11:30 बजे भीड़ इतनी बढ़ गई कि अंदर जाने के लिए लोग एक-दूसरे को धक्का देने लगे।’ ‘मंदिर की सीढ़ियों पर ही 1000 से ज्यादा लोग थे, लेकिन कोई पुलिस, कोई सिक्योरिटी गार्ड नहीं था। गर्भगृह तक