केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी–जी राम जी) योजना के तहत पहली किस्त जारी कर दी है। केन्द्रीय मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए योजना के संचालन के लिए 25,863 करोड़ की पहली किस्त जारी की।
शिवराज सिंह चौहान सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े और योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की। जिसके बाद राज्यों को योजना के संचालन के लिए 25,863 करोड़ की पहली किस्त जारी की।
बैठक को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, 25,863 करोड़ की पहली किस्त का उद्देश्य राज्यों को समय पर संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि श्रमिकों को 15 दिनों के अंदर मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने सभी राज्य सरकारों से यह आग्रह किया कि वे भी अपनी हिस्सेदारी की राशि समय पर जारी करें, जिससे मजदूरी भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो।
उन्होंने कहा की सरकार का संकल्प था कि 1 जुलाई, 2026 से विकसित भारत–जी राम जी पूरे देश में लागू हो। गरीब मजदूर भाई-बहनों की सेवा ही भगवान की सेवा है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण श्रमिकों को सम्मानजनक रोजगार, समय पर मजदूरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण सुनिश्चित करना है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मनरेगा को पूरे देश में लागू होने में लगभग तीन वर्ष का समय लगा था, जबकि विकसित भारत–जी राम जी एक ही दिन में पूरे देश में लागू हो गया। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, राज्यों के सहयोग और देश की प्रशासनिक क्षमता की बड़ी उपलब्धि बताया।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत–जी राम जी के अंतर्गत मजदूरी दरों में औसतन लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। अब देश के किसी भी राज्य में मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन से कम नहीं होगी। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण श्रमिकों की आय और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
साथ ही शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि विकसित भारत–जी राम जी के प्रभावी क्रियान्वयन में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। पहली किस्त राज्यों की मांग के आधार पर जारी की गई है और भविष्य में भी जरूरत के अनुसार धन उपलब्ध कराया जाएगा।











