राजस्थान के अलवर में काला कुआं स्थित राजकीय सैटेलाइट चिकित्सालय में छत का प्लास्टर गिरने की घटना का राज्य सरकार ने संज्ञान लिया है। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए प्रमुख शासन सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ ने जिला कलेक्टर से तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है। साथ ही, सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अतिरिक्त मुख्य सचिव को भवन की शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए हैं।
लापरवाह अधिकारियों पर गिरेगी गाज
राज्य सरकार ने लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बता दें कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अस्पताल प्रशासन ने भवन की जर्जर स्थिति को लेकर सात बार पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखे थे, लेकिन इसके बावजूद किसी अधिकारी ने सुनवाई नहीं की और समय पर भवन की मरम्मत नहीं कराई गई। चिकित्सा विभाग की ओर से मरम्मत के लिए आवश्यक राशि का भुगतान भी पहले ही किया जा चुका था।
सभी राजकीय अस्पतालों की होगी समीक्षा
वहीं प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा कि मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी राजकीय अस्पतालों के भवनों की नियमित समीक्षा की जाए और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कैसे हुआ था हादसा?
बता दें कि सोमवार को अस्पताल के पुराने भवन में अचानक छत का प्लास्टर गिर गया। इस हादसे में एक चिकित्सक और एक महिला मरीज को हल्की चोटें आई थीं। दोनों का तत्काल उपचार किया गया और अभी दोनों की स्थिति सामान्य है।











