केंद्र सरकार की बड़ी पहल, डिजिटल कानूनी सहायता से अंडरट्रायल कैदियों को राहत

अंडरट्रायल कैदियों को समय पर न्याय मिल सके इसके लिए केंद्र सरकार ने नई पहल की है।

अंडरट्रायल कैदियों को समय पर न्याय मिल सके इसके लिए केंद्र सरकार ने नई पहल की है। केंद्र की यह नई पहल है डिजिटल कानूनी सहायता। इस पहल से अब अंडरट्रायल कैदियों को समय पर न्याय मिल पाएगा। केंद्र सरकार डिजिटल कानूनी सहायता सेवाओं को देश के ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

एनजीओ, ट्रस्ट भी अभियान से जुड़े
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल का इस पहल को लेकर कहना है कि सरकार इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। सरकार का लक्ष्य है की जो भी एनजीओ या ट्रस्ट इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं वो भी इस अभियान में अपना सहयोग दें।  

समय पर मिल पाएगा न्याय
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि पहले की कानूनी व्यवस्था में कई बार अदालत की ओर से तो किसी कैदी की रिहाई का आदेश जारी हो जाता था लेकिन उस आदेश को जेल अधीक्षक तक पहुंचने में तीन से चार दिन लग जाते थे। इस वजह से कैदियों को बेवजह जेल में रहना पड़ता था। लेकिन अब इस पहल से इस स्थिति को खत्म किया जा सकता है।

गाँव और तहसीलों तक पहुंचे सेवाएं
उन्होंने कहा की, जेल में सिर्फ वही रहे जिसका रहना जरूरी है अनावश्यक रूप में जेल में रहना संविधान के अनुसार उचित नहीं है। ऐसे में डिजिटल कानूनी सहायता से इस स्थिति से निपटा जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि डिजिटल कानूनी सहायता सेवाएं हर छोटे गाँव और तहसीलों तक पहुंचनी चाहिए।

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