समान नागरिक संहिता विधेयक को मध्यप्रदेश कैबिनेट की मंजूरी, विधानसभा मानसून सत्र में भी किया पेश

मध्य प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र के पहले दिन राज्य सरकार ने समान नागरिक आचार संहिता विधेयक 2026 सदन में पेश किया।

मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो गया है। सत्र के पहले दिन राज्य सरकार ने समान नागरिक आचार संहिता विधेयक 2026 सदन में पेश किया। जिसे लेकर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि इस विधेयक पर 21 जुलाई यानि कल चर्चा कराई जाएगी।

समान नागरिक संहिता विधेयक को मंजूरी
बता दें कि मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल ने समान नागरिक संहिता विधेयक को मंजूरी दी। जगदीशपुर में हुई विशेष बैठक में इस विधेयक को मंजूरी दी गई। जिसे लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता सभी समुदायों को समान अवसर और अधिकार उपलब्ध कराएगा।

मुस्लिम समुदाय का भी मिला समर्थन
सीएम मोहन यादव ने इस दौरान कहा कि UCC विधेयक से किसी भी नागरिक के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं होगा। भोपाल में हुए राज्य स्तरीय विचार विमर्श में राजनीतिक दलों और सभी धर्मों के सामाजिक संगठनों को भी शामिल किया गया। मुस्लिम समुदाय का भी विधेयक के मसौदे को पूरा समर्थन मिला।

पीएम मोदी का विजन होगा साकार
इसके साथ ही मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के आधार पर यह फैसला लिया गया है। पीएम मोदी के विजन वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने को साकार करने के लिए यह बड़ा फैसला लिया गया है।

UCC के तहत क्या प्रावधान?
बता दें कि समान नागरिक संहिता के तहत एक से ज्यादा विवाह वैध नहीं होगा। लिव-इन-रिलेशनशिप के लिए एक महीने के अंदर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। विवाह का पंजीकरण गांव स्तर तक भी अनिवार्य होगा। हालांकि जनजातीय समुदायों को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है।

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