प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड तीन देशों की महत्वपूर्ण यात्रा के लिए रवाना हो गए हैं। पीएम मोदी की इस यात्रा को रणनीतिक रिश्तों में मजबूती लाने के लिए यहां माना जा रहा है।
विदेश यात्रा का अहम उद्देश्य
पीएम मोदी के इस दौरे का पहला और महत्वपूर्ण उद्देश्य भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और ‘सागर’ (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) विजन को और अधिक सशक्त बनाना है। बता दें कि प्रधानमंत्री अपनी यात्रा की शुरुआत इंडोनेशिया से करेंगे, जो दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक प्रयास है।
द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती
इंडोनेशिया के बाद, प्रधानमंत्री मोदी मेलबर्न जाएंगे, जहाँ ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ रक्षा, व्यापार, शिक्षा और उभरती हुई तकनीकों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। इस दौरान भारतीय समुदाय के साथ उनकी बातचीत दोनों देशों के बीच संबंधों के ‘महत्वपूर्ण स्तंभ’ को और मजबूत करेगी। यह दौरा ऑस्ट्रेलिया के साथ खेल और खेल विज्ञान के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का भी एक शानदार अवसर प्रदान करेगा।
यात्रा का अंतिम चरण
अपनी यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड के ऑकलैंड जाएंगे। जहां आर्थिक, व्यापारिक और वाणिज्यिक संबंधों को नई गति देना उनका उद्देश्य होगा, विशेषकर मार्च 2025 में हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के बाद। प्रधानमंत्री मोदी वहां भारतीय प्रवासियों के एक बड़े समूह को भी संबोधित करेंगे।











