केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ी सौगात देते हुए गुरूवार को आंध्र प्रदेश के तिरुपति ज़िले के मुक्कावरिपल्ली गाँव से विकसित भारत– जी राम जी योजना का राष्ट्रीय शुभारंभ किया। जिससे विकसित भारत मिशन को नई ताकत मिली है। विकसित भारत– जी राम जी योजना एक ग्रामीण रोजगार की गारंटी योजना है और इसे मनरेगा के स्थान पर लाया गया है।
केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मनरेगा में सिर्फ 100 दिन रोज़गार की गारंटी थी। नई रणनीति के तहत अब विकसित भारत- जी राम जी योजना में मजदूरों के लिए 125 दिन तक काम की गारंटी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ दिनों की बढ़ोतरी नहीं,बल्कि सोच में बदलाव है,अब लक्ष्य यह है कि कोई हाथ खाली न रहे। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि नई योजना के लागू होते ही पहले दिन ही देशभर में लाखों मजदूरों को काम भी मिला है और मनरेगा को बेहतर स्वरूप में बदलकर वीबी- जी राम जी के रूप में लागू किया जा रहा है।
कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण, केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी और ग्रामीण विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री कमलेश पासवान तथा सांसद‑विधायक और अन्य लोग उपस्थित थे।
कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान कहा कि वीबी- जी राम जी योजना के पहले ही वर्ष में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 95,000 करोड़ रु. से अधिक रहेगी और राज्यों की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी जोड़कर यह वार्षिक व्यय 1.51 लाख करोड़ रु.के आसपास पहुँचता है। अगले 5 साल में इस योजना के तहत कुल 7.5 लाख करोड़ रु. खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है। यह धन देश की 2.86 लाख पंचायतों तक पहुँचकर हर पंचायत को प्रति वर्ष औसतन दो करोड़ रु. से ज़्यादा की राशि देगा, जिससे गाँवों में रोजगार भी बढ़ेगा और स्थायी परिसंपत्तियाँ भी बनेंगी।
उन्होंने ने कहा कि योजना में किसी भी मजदूर के काम माँगने पर 15 दिन के अंदर उसे रोज़गार देना अनिवार्य होगा और यदि निर्धारित समय में काम नहीं दिया गया तो संबंधित मजदूर को बेरोज़गारी भत्ता देना पड़ेगा। साथ ही यह प्रावधान भी किया गया है कि देर से मज़दूरी देने पर मजदूर को ब्याज समेत विलंबित मजदूरी दी जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक व्यय को बढ़ाया गया है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि अब किसी भी राज्य में मजदूरी 300 रु. से कम नहीं होगी। आंध्र प्रदेश में तो यह दर 312–315 रु. के बीच रखी गई है, ताकि मजदूरों को पसीने की पूरी कीमत मिल सके। उन्होंने आंध्र प्रदेश के गरीब परिवारों और गाँवों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना‑ग्रामीण तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना‑4 के तहत बड़ी सौगातों की घोषणा की।
उन्होंने आंध्र प्रदेश के तोता परी आम उत्पादक किसानों की समस्याओं का उल्लेख भी किया, कहा कि तोता परी आम के दाम गिरने से किसानों को भारी नुकसान हो रहा है, इसलिए केंद्र सरकार ने बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत बड़ी मात्रा में तोता परी आम खरीदने का फैसला किया है, ताकि किसानों को उचित कीमत मिल सके और उनका मेहनताना सुरक्षित रहे।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अपने संबोधन में विकसित भारत- जी राम जी योजना को ग्रामीण जीवन स्तर में परिवर्तन लाने वाला कार्यक्रम बताया। इस नई योजना में डिजिटल मास्टर रोल, आधार आधारित भुगतान, वास्तविक समय निगरानी और जियो‑टैगिंग जैसी तकनीकों से कामों की निगरानी होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की मदद से राजधानी परियोजना, पोलावरम, विशाखापत्तनम स्टील प्लांट, डेटा सेंटर और फाइटर जेट प्रोजेक्ट जैसे कामों के ज़रिये आंध्र प्रदेश की ब्रांड इमेज को फिर से बढ़ाया गया है।











