भारत के कृषि निर्यात क्षेत्र में पंजाब ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। पंजाब की ताज़ा लीची पहली बार ओमान को निर्यात की गई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस उपलब्धि को किसानों की आय बढ़ाने और भारतीय कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
यह निर्यात पंजाब के होशियारपुर स्थित उम्मत एग्री एलाइड कोऑपरेटिव सोसायटी द्वारा किया गया है। ताज़ी लीची को पहली बार ओमान भेजा गया, जिससे भारतीय फलों के लिए मध्य-पूर्वी बाजार में नए अवसर खुले हैं।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि यह निर्यात भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के तहत मिले बाजार अवसरों का लाभ उठाकर किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कदम भारतीय कृषि उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय पहुंच को मजबूत करेगा और किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा।
केंद्रीय मंत्री ने इस उपलब्धि के लिए कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि , APEDA की सहायता से किसानों और सहकारी समितियों को वैश्विक बाजार से जोड़ने में तेजी आई है।
पिछले कुछ महीनों में भारतीय लीची के निर्यात में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है। बता दें कि इससे पहले उत्तराखंड की देहरादून लीची का निर्यात पहली बार इटली को किया गया। असम की तेजपुर लीची दुबई भेजी गई, जिससे पूर्वोत्तर भारत के उत्पादकों को नया बाजार मिला।
देहरादून की लीची अपनी प्राकृतिक मिठास, लाल रंग और सुगंध के लिए जानी जाती है, जबकि असम की तेजपुर लीची को उसकी रसीली गुणवत्ता के कारण विशेष पहचान मिली है। तेजपुर लीची को 2014 में भौगोलिक संकेतक (GI टैग) भी प्राप्त हुआ था।
पंजाब की लीची का ओमान निर्यात भारतीय कृषि निर्यात के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। कृषि उत्पादों का अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार भारतीय किसानों के लिए आय बढ़ाने का एक मजबूत माध्यम बन रहा है। सरकार का मानना है कि ऐसे प्रयासों से भारत के कृषि उत्पाद वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पहचान बनाएंगे और किसानों की आर्थिक स्थिति और बेहतर होगी।











