उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 8 जुलाई को वाराणसी के दौरे पर रहने वाले हैं। वाराणसी में सीएम योगी व्यापार केंद्र से प्रदेश के शिक्षकों को सौगात देंगे। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ करेंगे। इस योजना के तहत बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के पात्र शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) की वार्डन, विषय विशेषज्ञों तथा उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा।
वहीं इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नए शैक्षिक सत्र के लिए विद्यार्थियों को भी सीएम योगी सौगात देने वाले हैं। छात्रों को ड्रेस, जूता-मोजा, स्कूल बैग और अन्य आवश्यक सामग्री खरीदने के लिए डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) की राशि सीएम योगी जारी करेंगे।
बता दें की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस योजना की घोषणा पिछले शिक्षक दिवस पर की थी। इसके बाद शासन स्तर पर आवश्यक तैयारियां पूरी की गई और योजना को लागू करने की प्रक्रिया तेज की गई। इसके तहत बेसिक शिक्षा विभाग का ऑनलाइन पोर्टल पहले ही लाइव किया जा चुका है, जिस पर अब तक 7.89 लाख से अधिक लाभार्थियों का विवरण दर्ज किया जा चुका है।
वहीं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए भी पोर्टल शुरू कर दिया गया है जिसमें शिक्षकों का ऑनलाइन पंजीकरण भी शुरू हो गया है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (साचीज) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी अर्चना वर्मा का कहना है कि, योजना के संचालन को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों द्वारा पोर्टल पर दर्ज किए गए विवरण का सत्यापन संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) करेंगे, जबकि अंतिम अनुमोदन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) द्वारा किया जाएगा। इसके बाद लाभार्थियों का डेटा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के बेनिफिशरी आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (बीआईएस) पोर्टल से जोड़ा जाएगा।
इसी तरह से माध्यमिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के आवेदन का सत्यापन संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य और अंतिम अनुमोदन जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) करेंगे। आधार आधारित ई-केवाईसी पूरी होने के बाद शिक्षक अपना डिजिटल हेल्थ कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे और सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।











