केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘प्रगति’ (PRAGATI) राष्ट्रीय पहल का शुभारंभ किया। कृषि परिवर्तन की दिशा में शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य 20 हजार ग्रामीण युवाओं को कृषि-उद्यमी बनाकर देश भर के 20 लाख छोटे और सीमांत किसानों की आय, उत्पादकता और आजीविका में व्यापक सुधार लाना है।
विकसित भारत का सपना
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि, “विकसित भारत का सपना विकसित कृषि और समृद्ध गांवों के बिना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि लागत घटाकर किसानों की आय बढ़ाना, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना और कृषि को लाभकारी बनाना है”
कहाँ-कहाँ लागू होगी पहल?
यह पहल देश के प्रमुख कृषि राज्यों- मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, असम और झारखंड में लागू की जाएगी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “कार्यक्रम के तहत तैयार किए जाने वाले कृषि-उद्यमी गांव स्तर पर सलाह, मिट्टी परीक्षण, मशीन सेवाएं, वित्तीय लिंक, बाजार कनेक्ट और वैकल्पिक आय के अवसर उपलब्ध कराएंगे”।
नया मॉडल होगा प्रस्तुत
इस पहल को भारत में निजी क्षेत्र के नेतृत्व में सबसे बड़े कृषि-उद्यमिता कार्यक्रम के रूप में देखा जा रहा है जो जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच नया मॉडल प्रस्तुत करेगा। प्रगति पहल में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ साझेदार के रूप में जुड़ी हैं।











