उत्तर प्रदेश की योगी सरकार हर क्षेत्र में विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सीएम योगी आदित्यनाथ की पहल से आज मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिली है। दरअसल योगी सरकार प्रदेश में मातृ मृत्यु दर कम करने और हर गर्भवती महिला को स्थानीय स्तर पर ही सुरक्षित प्रसव कराने के उद्देश्य से स्थानीय डॉक्टरों को हैंड आन ट्रेनिंग दे रही है। जिसका असर अब धरातल पर देखने को भी मिल रहा है।
हाई रिस्क केस संभाल रहे डॉक्टर
इस पहल से पहले डॉक्टर अकसर हाई रिस्क केस को रेफर कर दिया करते थे। लेकिन अब ट्रेनिंग से डॉक्टर में आत्मविश्वास बढ़ता जा रहा है। ऐसे में अब डॉक्टर हाई रिस्क वाले मामलों को रेफर नहीं कर रहे, बल्कि स्थानीय स्तर पर ही उनका इलाज कर रहे हैं।
8 जिलों के डॉक्टरों को प्रशिक्षण
योगी सरकार की इस पहल के तहत अब तक केजीएमयू और एएमयू के अधीन आने वाले आठ जिलों के डॉक्टरों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वहीं अन्य जिलों के डॉक्टर को भी ट्रेनिंग देने की तैयारी चल रही है। बता दें कि पहले चरण में प्रदेश के 20 मेडिकल कॉलेजों को आरआरटीसी सेंटर बनाया गया। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव डॉ. पिंकी जोवल ने बताया कि प्रदेश में जिलास्तर पर डॉक्टर तो थे, लेकिन उनमें हाई रिस्क वाले केसों को संभालने का आत्मविश्वास नहीं था। लेकिन जब से उन्हें ट्रेनिंग दी जा रही है अब वो खुद ही इन केसों को संभाल रहे हैं।
2017 में शुरू की थी पहल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर साल 2017 में यह पहल शुरू की गई थी। जिसे नाम दिया गया है रीजनल रिर्सोस एंड ट्रेनिंग सेटर (आरआरटीसी) कार्यक्रम। पहले चरण में प्रदेश के 20 मेडिकल कॉलेजों को आरआरटीसी सेंटर बनाया गया और उनके माध्यम से आसपास के जिलों के डॉक्टरों को आतमविश्वासी बनाया गया की आज वो खुद ही हाई रिस्क केस सॉल्व कर रहे हैं।
डॉक्टरों को हैण्ड ऑन प्रशिक्षण
वहीं अब दूसरे चरण में हाईब्रिड माध्यम से डॉक्टरों को हैण्ड ऑन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हाई रिस्क के सभी कारणों पर अलग-अलग प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले इलाज के सारे तकनीकी पहलू बताए गए। उसके बाद विशेषज्ञों की मौजूदगी में इन हाईरिस्क केसों का इलाज किया गया।











