जेपी नड्डा से वार्ता के बाद CJP के आंदोलन को विराम, सोनम वांगचुक का 23 दिन बाद अनशन समाप्त

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई जिसके बाद सोनम वांगचुक ने 23 दिन बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया।

20 जुलाई यानि सोमवार को दिल्ली में ‘चलो संसद’ मार्च निकाला गया। इस मार्च में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। शिक्षा नीति और नीट परीक्षा लीक होने को लेकर सोनम वांगचुक 23 दिन से अनशन पर थे। वहीं इसे लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में युवा भी सड़कों पर उतरे। पूरा दिन चले इस प्रदर्शन के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई जिसके बाद सोनम वांगचुक ने 23 दिन बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। जिसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी अपना अनशन समाप्त कर दिया।

जेपी नड्डा से 10 मिनट तक चली बातचीत
केंद्र सरकार की पहल पर सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने जेपी नड्डा को संगठन की मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा, जिस पर जेपी नड्डा ने आंतरिक स्तर पर विचार करने का आश्वासन दिया। जेपी नड्डा के साथ करीब 10 मिनट तक यह बातचीत चली।

सरकार के समक्ष रखी तीन मांगें
मुलाकात के बाद सौरव दास ने बताया कि संगठन की मांगें सरकार के समक्ष लिखित रूप में रख दी गई हैं और अब सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। सीजेपी ने सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखीं। पहली, अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक को तत्काल रिहा किया जाए। दूसरी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेने की मांग राखी गई है। तीसरी मांग कथित नीट परीक्षा अनियमितताओं के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की राखी गई है।

अभिजीत दीपके ने भी तोड़ा अनशन
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पानी पीकर अपना लगभग 50 घंटे का अनशन समाप्त कर दिया। हालांकि संगठन ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर उसकी मांगें अभी भी बरकरार हैं। हालांकि सरकार और सीजेपी के बीच हुई बातचीत को लेकर केंद्र सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

संबंधित खबरें

स्टेट न्यूज़