मध्य प्रदेश कैबिनेट की करीब 41,000 करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पर लिया ऐतिहासिक फैसला

मध्य प्रदेश कैबिनेट ने 41,000 करोड़ से ज़्यादा के अहम वित्तीय प्रस्तावों को मंज़ूरी दी।

मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी गई। कैबिनेट ने 41,000 करोड़ से ज़्यादा के अहम वित्तीय प्रस्तावों और राज्य के सर्वांगीण विकास और बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने के मकसद से जन-कल्याणकारी फैसलों को मंज़ूरी दी।

RGPV को लेकर बड़ा फैसला
कैबिनेट ने RGPV (राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय) का पुनर्गठन कर 3 नए प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय स्थापित करने की स्वीकृति दी है। उज्जैन एवं जबलपुर में नवस्थापित होने वाले दोनों विश्वविद्यालयों के प्रशासनिक संचालन के लिए प्रारंभिक स्तर पर कुलगुरु, कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक, उप कुलसचिव तथा वित्त अधिकारी के पदों को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में विश्वविद्यालय स्थापित होंगे।

सहकारी दुग्ध समितियों का विस्तार
कैबिनेट ने फैसला लिया कि अन्य सहायक एवं तकनीकी पदों को नियमानुसार आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरा जाएगा। दुग्ध उत्पादकों के हित में सहकारी प्रणाली और सांची ब्राण्ड के उन्नयन के लिए 2,973 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। डेयरी विकास योजना के माध्यम से आगामी पाँच वर्षों में सहकारी दुग्ध समितियों का विस्तार 7,331 ग्रामों से बढ़ाकर 26,000 ग्रामों तक किया जाएगा।

वीबी जी राम जी योजना को लेकर निर्णय
कैबिनेट बैठक में वीबी जी राम जी योजना के क्रियान्वयन के लिए 29,619 करोड़ के वित्तीय प्रस्ताव का अनुसमर्थन दिया गया है। इसके अलावा कैबिनेट ने स्वास्थ्य संस्थाओं में मशीनों एवं उपकरणों के अनुरक्षण से संबंधित योजना के मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 488.41 करोड़ की स्वीकृति दी है। चिकित्सा संस्थानों में विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण से संबंधित योजना के वर्ष 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 916 करोड़ की मंजूरी दी गई है।

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