बिहार कैबिनेट की बैठक में अहम फैसलों पर लगी मुहर, मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना की अवधि बढ़ाने का भी फैसला

बिहार कैबिनेट की बैठक में अहम फैसलों पर मुहर लगी।

बिहार कैबिनेट की बैठक में अहम फैसलों पर मुहर लगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक हुई। इस बैठक में 27 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। जिसमें कई विभागों के विभिन्न प्रस्ताव शामिल है। बैठक के दौरान बिहार विरासत विकास समिति में कार्यपालक निदेशक के वेतन-भत्ते और सेवा शर्तों के निर्धारण से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना की अवधि 2030-31 तक बढ़ाने का फैसला लिया गया।

शहीद आंदोलनकारियों को मिलेगा सम्मान
बैठक में भारत छोड़ो आंदोलन के निर्भीक आंदोलनकारी अमर शहीद रामफल मंडल का शहादत दिवस प्रत्येक वर्ष 23 अगस्त को सीतामढ़ी जिले में राजकीय समारोह के रूप में मनाने का फैसला लिया। इसी तरह स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी और चंपारण सत्याग्रह के सूत्रधार पंडित राजकुमार शुक्ल की जयंती भी हर साल 23 अगस्त को पश्चिमी चंपारण जिले में राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी।

सड़क निर्माण से जुड़े प्रस्ताव मंजूर
इसके अलावा सड़क निर्माण से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है। इसमें नई राजधानी पथ प्रमंडल के अंतर्गत नेहरू पथ के चौड़ीकरण के लिए 39.80 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही सीतामढ़ी में रेलवे क्रॉसिंग के बदले सड़क ऊपर पुल निर्माण के लिए 110.42 करोड़ रुपए की संशोधित स्वीकृति शामिल है।

अन्य फैसलों को कैबिनेट की मुहर
कैबिनेट बैठक के दौरान राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत बछिया-पाड़ी पालन केंद्रों की स्थापना के लिए 73.48 करोड़ रुपए की परियोजना को मंजूरी दी गई है। पशु जन्म नियंत्रण नियमावली, 2023 को बिहार में लागू करने का फैसला कैबिनेट बैठक में लिया गया। सरकार ने बेगूसराय में 700 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। अरवल में 25 एकड़ भूमि पर राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल के निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को स्वीकृत किया। इसके अलावा मुजफ्फरपुर में विद्युत उपकेंद्र के लिए भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्तावों को मंजूरी दी।

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