
राजस्थान सरकार ने किया बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 18 IPS अधिकारियों के ट्रांसफर
राजस्थान सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। राज्य सरकार ने 18 IPS अधिकारियों का तबादला किया है।
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राजस्थान सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। राज्य सरकार ने 18 IPS अधिकारियों का तबादला किया है।

तमिलनाडु सरकार ने राज्य में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। इस फेरबदल के तहत बड़े स्तर पर वरिष्ठ IAS और IPS अधिकारियों के तबादले किए गए हैं।
बिहार सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। राज्य सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के 10 अधिकारियों का तबादला किया है।

NTA ने फीस रिफंड प्रोसेस के बारे में जरूरी अपडेट जारी किया। जिसमें बताया गया कि अब तक सिर्फ 8,29,510 उम्मीदवारों ने ही ऑफिशियल पोर्टल पर अपने बैंक अकाउंट की जानकारी अपडेट या कन्फर्म की है।

मोदी सरकार द्वारा UGC को खत्म नहीं किया गया है बल्कि उसके साथ उच्च शिक्षा से सम्बंधित अन्य निकायों को मिलाकर एक जगह एक ही सिस्टम मे मिला दिया गया है जिससे उच्च शिक्षा को अधिक सुव्वस्थित किया जायेगा. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC), जिसका गठन 1953 में हुआ था और 1956 में संसद के अधिनियम के तहत वैधानिक निकाय बना, अब इसका स्थान विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान (VBSA) लेगा जो देश के सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों का एकीकृत नियामक होगा संरचना के तीन प्रमुख स्तंभ होंगे विकसित भारत शिक्षा विनियम परिषद : नियामक की जिम्मेदारी संभालेगी.विकसित भारत शिक्षा

सरकार ने किआ Central Excise (संशोधन) Act, 2025 को अधिसूचित, जिसमे तंबाकू और उससे जुड़े उत्पादों पर उत्पाद शुल्क में भारी बढ़ोतरी की गई है। पहले सिगरेट पर प्रति 1,000 छड़ों पर ₹200-₹735 उत्पाद शुल्क लगया जाता था, जिसको बढ़ाकर ₹2,700–₹11,000 प्रति 1,000 कर दिया गया है। सिगार, हुक्का तंबाकू, चबाने वाला तंबाकू, ज़र्दा और सुगंधित तंबाकू जैसे उत्पादों का शुल्क भी भड़ा दिआ गया है। सरकार ने यह कानून लोगो के स्वस्थ को मद्देनजर रखकर लाया है कि जिससे तंबाकू का सेवन कम हो और लोग स्वस्थ रहे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि यह “सेस” नहीं बल्कि “उत्पाद शुल्क” है,

EPFO: कई प्राइवेट कर्मचारी अक्सर सोचते हैं कि उन्हें रिटायरमेंट के बाद कितनी पेंशन मिलेगी? क्या यह सरकारी कर्मचारियों जैसी होती है। EPF और EPS के तहत मिलने वाली यह पेंशन पूरी तरह इस बात पर निर्भर करती है कि आपने कितने साल नौकरी की और आपकी आखिरी सैलरी कितनी थी। अगर कर्मचारी ने कम से कम 10 साल काम किया है, तो 58 साल की उम्र के बाद उसे हर महीने तय फॉर्मूले के हिसाब से पेंशन मिलती है। लेकिन अगर 10 साल पूरे होने से पहले नौकरी छोड़ दी, तो मंथली पेंशन की जगह सिर्फ जमा की गई रकम