काशी को मिलेगी नई पहचान, योजना के तहत पहली बार बनेंगे थीमैटिक पार्क

धर्म, संस्कृति, विरासत की नगरी काशी को नई पहचान देने की दिशा में सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। जिसके तहत नगर निगम ने थीमैटिक पार्क विकसित करने की अनूठी योजना शुरू की है।

धर्म, संस्कृति, विरासत की नगरी काशी को नई पहचान देने की दिशा में सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। जिसके तहत नगर निगम ने थीमैटिक पार्क विकसित करने की अनूठी योजना शुरू की है। इस पहल के तहत वाराणसी के विभिन्न उद्यानों को इतिहास, राष्ट्रभावना, पर्यावरण, संस्कृति और विरासत जैसे अलग-अलग विषयों पर विकसित किया जाएगा, जिससे न सिर्फ शहर की सुंदरता बढ़ेगी बल्कि नई पीढ़ी को अपनी सभ्यता और गौरवशाली अतीत से भी जुड़ने का अवसर मिलेगा।

पहले चरण में दो पार्कों का विकास
इस योजना के पहले चरण में दो पार्कों का विकास किया जा रहा है। मलदहिया स्थित नील कॉटेज पार्क को संविधान पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां भारतीय संविधान की मूल भावना, संविधान निर्माताओं के योगदान, मौलिक अधिकारों, मौलिक कर्तव्यों और लोकतांत्रिक मूल्यों को आधुनिक माध्यमों से प्रदर्शित किया जाएगा। वहीं बादशाह बाग पार्क को वार मेमोरियल पार्क का स्वरूप दिया जाएगा, जिसमें देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों की गाथाएं, सैन्य इतिहास और राष्ट्रभक्ति से जुड़ी जानकारियां प्रदर्शित की जाएंगी।

अलग-अलग थीम पर होगा विकास
योजना के तहत शहर के कुल नौ पार्कों को अलग-अलग थीम पर विकसित किया जाएगा। दुर्गाकुंड पार्क को कबीर दास पार्क बनाया जाएगा, जहां संत कबीर के जीवन, उनके दोहों, दर्शन और सामाजिक संदेशों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। वेस्ट टू वंडर पार्क, ताल पार्क और संगीत एवं सांस्कृतिक विरासत पर आधारित अन्य थीम पार्क भी इस परियोजना का हिस्सा होंगे।

पार्कों में लाइटिंग की रहेगी व्यवस्था
इन पार्कों में आधुनिक लाइटिंग, आकर्षक मूर्तियां की बेहतर व्यवस्था होगी। इसके अलावा  डिजिटल डिस्प्ले, सूचना पट्ट, बच्चों के लिए मनोरंजन क्षेत्र और बैठने की बेहतर व्यवस्था की जाएगी। इसके जरिए स्थानीय बच्चों और युवाओं को भी संविधान, स्वतंत्रता संग्राम, संत परंपरा और स्थानीय इतिहास की जानकारी रोचक तरीके से प्राप्त होगी।

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