बिहार विधानसभा में शिक्षा और विकास के मुद्दों की गूंज, राज्य सरकार ने समाधान का दिया आश्वासन

बिहार विधानसभा का मानसून सत्र जारी है। इस दौरान सत्र में शिक्षा और विकास के मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा हुई।

बिहार विधानसभा का मानसून सत्र जारी है। इस दौरान सत्र में शिक्षा और विकास के मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा हुई। मंत्रियों और विधायकों ने शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों की ट्रांसफर नीति, स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा, बुनियादी सुविधाओं की कमी और विधायकों के लिए विकास निधि जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे प्रमुखता से उठाए।

स्किल डेवलपमेंट पर सरकार संवेदनशील
सत्र में बीजेपी विधायक देवेश कांत सिंह ने कहा कि राज्य सरकार स्किल डेवलपमेंट को लेकर पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में कुछ लोगों की ओर से  बाधा  पैदा की जा रही थीं। उन्होंने इन सभी मामलों को सरकार के संज्ञान में लाया है। देवेश कांत ने सरकार की ओर से मिले जवाब पर संतुष्टि जताई है और कहा कि उन्हें विश्वास है कि इन समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

विकास कार्यों के लिए उपलब्ध राशि का जिक्र
इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली राशि का भी जिक्र किया गया। इस पर मंत्री संजय कुमार सिंह ने उदाहरण के तौर पर बताया कि कई बार 15 लाख रुपये की निर्धारित राशि में सिर्फ आंशिक कार्य ही पूरा हो पाता है, और आगे का काम वहीं रुक जाता है। ऐसे में विधायकों की ओर से इन समस्याओं को सदन में उठाना आवश्यक है, ताकि सरकार आवश्यक निर्णय ले सके।

शिक्षकों की ट्रांसफर नीति का मुद्दा
सत्र के दौरान शिक्षकों की ट्रांसफर नीति का मुद्दा भी उठाया। जिसको लेकर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सरकार इसे निश्चित रूप से लागू करेगी। उन्होंने बताया कि इसी महीने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) को शिक्षकों की नई भर्ती के लिए अनुरोध भेजा जाएगा।

कंप्यूटर आधारित शिक्षा को बढ़ावा
मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कंप्यूटर आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त तक राज्य के उन सभी हाई स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी, जहां कंप्यूटर की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य तकनीक के माध्यम से छात्रों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना और डिजिटल शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।

संबंधित खबरें

स्टेट न्यूज़