सहकारिता मंत्रालय के पांच साल पूरे हो गए है। इस अवसर पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शिरकत की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने सहकारिता क्षेत्र में की गई उपलब्धियों को गिनवाया।
सहकारिता आंदोलन की बदली तस्वीर
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ही के दिन केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय को केंद्र सरकार में प्रस्तावित करने का काम किया था। प्रधानमंत्री के इस फैसले ने सहकारिता आंदोलन को नए चरण में ले जाने का काम किया है। प्रधानमंत्री ने इसे एक सदी तक आगे बढ़ाने का काम किया है और उनके एक फैसले से ही करोड़ों लोगों को फायदा पहुंचा है। सहकारिता मंत्रालय ने सहकारिता क्षेत्र को नया प्राण देने का काम किया है”।
पाँच साल की उपलब्धियां
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने सहकारिता क्षेत्र में की गई उपलब्धियों को जनता के समक्ष रखा। साथ ही, अपनी भावी रोडमैप के बारे में भी अमित शाह ने बताया। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि, “जब केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय का गठन किया जा रहा था, तब कई लोगों ने इसका विरोध किया। इन पांच साल में सहकारिता मंत्रालय ने यह साबित कर दिया है कि हम राज्य सरकार के काम में दखल देने के लिए नहीं, बल्कि उनकी मदद के लिए हैं।
तीन उद्देश्यों पर फोकस
उत्पादन के क्षेत्र में हमने जो राष्ट्रीय सहकारी समिति स्थापित की है, वह आने वाले तीन वर्षों में भारत की सबसे बड़ी गैर-सरकारी बीज उत्पादन संस्था बनकर उभरेगी। इसके माध्यम से तीन उद्देश्यों पर कार्य किया जा रहा है पहला- किसानों को शुद्ध एवं मिलावट-मुक्त बीज उपलब्ध कराना, दूसरा- अधिक उत्पादन देने वाली उन्नत बीज किस्मों का विकास और वितरण करना इसके साथ ही तीसरा- भारतीय पारंपरिक बीजों का संरक्षण करना है।
विकास को नई गति
केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि, “हमने यह सुनिश्चित किया है कि हमारे कामों से प्रदेश के विकास को नई गति मिले। जब कभी सहकारिता आंदोलन का इतिहास लिखा जाएगा, तो उसे स्वर्णिम अक्षरों से लिखा जाएगा। जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनें तो उन्होंने जलशक्ति मंत्रालय की शुरुआत की। इसी तरह मत्स्य मंत्रालय और पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की शुरुआत की। 2021 में सहकारिता मंत्रालय की शुरुआत की गई।











