सीएम योगी का मीरजापुर ‘ड्रीम’ प्रोजेक्ट, अधिकारियों को लापरवाही पड़ेगी भारी!

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 8 जुलाई को मिर्जापुर दौरे पर जाने वाले है। सीएम योगी का यह दौरा विंध्याचल मंडल के लिए करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं की असली परीक्षा माना जा रहा है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 8 जुलाई को मिर्जापुर दौरे पर जाने वाले है। सीएम योगी का यह दौरा विंध्याचल मंडल के लिए करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं की असली परीक्षा माना जा रहा है।

अधिकारियों से होंगे सवाल-जवाब
अपने दौरे के दौरान सबसे पहले सीएम योगी मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन करेंगे, जिसके बाद मुख्यमंत्री लोक निर्माण विभाग की मंडल स्तरीय समीक्षा करेंगे। साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ अपने  ड्रीम प्रोजेक्टों की जमीनी हकीकत भी परखेंगे। समीक्षा के दौरान यदि योजनाओं की रफ्तार सुस्त मिली, या गुणवत्ता पर सवाल उठे तो वहां जिम्मेदार अधिकारियों को तीखे सवालों का सामना करना पड़ सकता है।

दौरे को लेकर बढ़ी हलचल
बता दें कि मुख्यमंत्री मंडलीय समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की नई और पुरानी परियोजनाओं की प्रगति का ब्योरा लेंगे। धरातल पर हुए कार्यों की तस्वीर भी उनके सामने होगी। यही वजह है कि विभागीय अधिकारी अब अधूरे कार्यों को गति देने और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटे हैं।

विकास कार्यों का लेंगे फीडबैक
मुख्यमंत्री योगी मीरजापुर, सोनभद्र और भदोही सहित पूरे विंध्य क्षेत्र में भाजपा की राजनीतिक स्थिति, संगठन की सक्रियता और विकास कार्यों के असर को लेकर भी फीडबैक ले सकते हैं। ताकि सरकार की योजनाओं का राजनीतिक लाभ भी सुनिश्चित हो सके।

विकास की गति का संदेश
मुख्यमंत्री योगी का फोकस अपने ड्रीम प्रोजेक्ट विंध्य कारिडोर, कालीखोह और अष्टभुजा मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्यों पर भी रहेगा। इन परियोजनाओं के माध्यम से धार्मिक पर्यटन, स्थानीय रोजगार और क्षेत्रीय विकास को नई गति देने का संदेश देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों में हलचल तेज हो गई है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं, अधूरे कार्यों को अंतिम रूप दिया जा रहा है और विभागीय स्तर पर तैयारियों की मैराथन समीक्षा चल रही है।

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