दिल्ली में विकास को रफ्तार, CM रेखा गुप्ता ने किया विकास कार्यों का लोकार्पण

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली के विकास को रफ्तार देते हुए शनिवार को शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र एवं पीतमपुरा में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली के विकास को रफ्तार देते हुए शनिवार को शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र एवं पीतमपुरा में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इसके साथ-साथ कई महत्वपूर्ण सार्वजनिक सुविधाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान सीएम रेखा गुप्ता ने पार्कों के सौंदर्यीकरण, आधुनिक जल निकासी व्यवस्था, सीवरेज प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं, सिंचाई इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी शिक्षा संस्थानों में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पीतमपुरा स्थित बीडी-एफडी पार्क में विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर पार्क में लगाए गए 93 नए इलेक्ट्रिक पोल एवं आधुनिक लाइट व्यवस्था का भी शुभारंभ किया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने शालीमार बाग क्षेत्र में वर्षा जल निकासी एवं सीवरेज व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) द्वारा तैयार की गई विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण किया।
साथ ही सीएम रेखा गुप्ता ने शालीमार गांव, सहीपुर गांव और आसपास के क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही सीवरेज समस्या के स्थायी समाधान के लिए अतिरिक्त सीवेज पंपिंग स्टेशन तथा उससे संबंधित डिलीवरी लाइन का भी लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरा कहा कि दिल्ली सरकार नागरिकों को जलभराव एवं सीवरेज संबंधी समस्याओं से स्थायी राहत दिलाने के लिए आधुनिक और दीर्घकालिक अवसंरचना विकसित कर रही है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मॉनसून के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सभी परियोजनाओं का प्रभावी संचालन एवं नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने इसके बाद सिंघलपुर स्थित मुनक नहर का निरीक्षण किया और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों से जल प्रवाह, नहर के रखरखाव, सफाई व्यवस्था तथा जल प्रबंधन से संबंधित कार्यों की जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने निर्देश दिए कि नहरों एवं जल स्रोतों के संरक्षण और उनकी नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, जिससे जल आपूर्ति एवं पर्यावरणीय संतुलन दोनों को सुदृढ़ बनाया जा सके। उन्होंने डीएसईयू कस्तूरबा, पीतमपुरा परिसर का निरीक्षण किया और संस्थान में उपलब्ध शैक्षणिक एवं तकनीकी सुविधाओं, विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जा रहे कौशल विकास कार्यक्रमों की समीक्षा की।

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