उत्तराखंड विधानसभा का सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया है। जिसके बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर की। सीएम धामी ने कहा कि, “राज्य के इतिहास में पहली बार, किसी सरकार ने एक ही साल के अंदर गैरसैंण में विधानसभा के दो सत्र आयोजित किए हैं।
पांच सालों में गैरसैंण को विशेष प्राथमिकता
सीएम धामी ने कहा कि, “हमारी सरकार ने पिछले पांच सालों में गैरसैंण को विशेष प्राथमिकता दी है। यह गैरसैंण के विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और राज्य की जनता की भावनाओं का सम्मान करने का प्रमाण है। विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, जहां जनहित और राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर गंभीर और सार्थक चर्चा होनी चाहिए।”
जनता के हितों के साथ कोई समझौता नहीं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष ने अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के बजाय, लगातार हंगामा करके सदन की कार्यवाही में बाधा डाली। जनता ने अपने प्रतिनिधियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सदन में भेजा है, न कि अराजकता फैलाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को धूमिल करने के लिए। राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन राज्य के विकास और जनता के हितों के साथ किसी भी कीमत पर कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।”











