दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार राजधानी दिल्ली में यातायात प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है। राजधानी की सड़कों की बार-बार खोदना न पड़े इसके लिए दिल्ली सरकार मल्टी-यूटिलिटी डक्ट (एमयूडी) विकसित करेगी। इसके तहत विभिन्न जरूरी सेवाओं के लिए साझा भूमिगत कॉरिडोर बनेंगे, ताकि बिजली केबल, पानी और गैस की लाइनों, फायर-हाइड्रेंट नेटवर्क और अन्य आवश्यक यूटिलिटी सेवाओं के लिए इस उपयोग कर सकें। चांदनी चौक में इस पहल को पायलट आधार पर लागू किया जाएगा।
कैबिनेट बैठक में लिया फैसला
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि दिल्ली सरकार ने हाल ही में आयोजित कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया था। मल्टी-यूटिलिटी डक्ट के निर्माण से बार-बार सड़क खोदने का झंझट समाप्त हो जाएगा। और सड़कों की मरम्मत करने की जरूरत कम हो जाएगी, यातायात में होने वाली बाधाएं कम होंगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के विकास के लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कार्य किए जा रहे हैं। मल्टी-यूटिलिटी डक्ट इसी सोच का हिस्सा है। इससे अलग-अलग एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय होगा और दिल्ली में भूमिगत यूटिलिटी नेटवर्क के विकास के लिए एक अधिक व्यवस्थित व्यवस्था तैयार होगी।
पायलट आधार पर लागू होगी पहल
सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि इस पूरी व्यवस्था की निगरानी के लिए जल्द ही विशेषज्ञों की एक तकनीकी समिति गठित की जाएगी। इस समिति में डिस्कॉम, दिल्ली जल बोर्ड, लोक निर्माण विभाग आदि विभागों के विशेषज्ञ अधिकारी शामिल होंगे। राजधानी के विभिन्न इलाकों में मल्टी-यूटिलिटी डक्ट के निर्माण और विस्तार से संबंधित कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। सीएम ने बताया कि इस महत्वपूर्ण पहल को पहले पायलट आधार पर लागू किया जाएगा। इसके लिए चांदनी चौक में एस्प्लेनेड रोड पर 310 मीटर और मोर सराय रोड पर 560 मीटर लंबे हिस्से का चयन प्रस्तावित है। जिस पर जल्द ही कार्य शुरू होने वाला है। इन दोनों पायलट कॉरिडोर से प्राप्त अनुभव के आधार पर दिल्ली के अन्य हिस्सों में मल्टी-यूटिलिटी डक्ट का निर्माण किया जाएगा।












