राजस्थान सरकार की ‘अर्जित वेतन अग्रिम योजना’ से मिला वित्तीय सहारा

राजस्थान के सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत बनी सरकार की अर्जित वेतन अग्रिम आहरण योजना ने तीन साल पूरे कर लिए हैं। मई 2023 में शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक 78 हजार से अधिक सरकारी कर्मचारियों को लाभ मिल चुका है।

राजस्थान के सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत बनी सरकार की अर्जित वेतन अग्रिम आहरण योजना ने तीन साल पूरे कर लिए हैं। मई 2023 में शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक 78 हजार से अधिक सरकारी कर्मचारियों को लाभ मिल चुका है। इस योजना में राज्य के करीब 7 लाख से अधिक कर्मचारी पात्र हैं। योजना का संचालन राजस्थान फाइनेंशियल सर्विसेज़ डिलीवरी लिमिटेड के सहयोग से किया जा रहा है।
अर्जित वेतन अग्रिम योजना के तहत सरकारी कर्मचारियों को बिना जमानत, न्यूनतम औपचारिकताओं और बैंक शाखा गए बिना 12 महीने के नेट वेतन तक अग्रिम राशि उपलब्ध कराई जाती है। पुनर्भुगतान की अवधि 1 से 24 महीने तक है और अग्रिम राशि समय से पहले चुकाने पर कोई फोरक्लोजर शुल्क नहीं लिया जाता।
सरकार के अनुसार चिकित्सा आपातकाल, घर की मरम्मत, बच्चों की शिक्षा और अन्य जरूरी जरूरतों में यह योजना कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत साबित हुई है। खराब क्रेडिट स्कोर या जटिल बैंकिंग प्रक्रिया के कारण ऋण नहीं मिलने की समस्या को भी इस योजना ने काफी हद तक दूर किया है, जिससे कर्मचारियों की साहूकारों पर निर्भरता कम हुई है।
योजना को लेकर आरएफएसडीएल के कार्यकारी निदेशक मनीष माथुर ने बताया कि योजना के सफल संचालन में वर्तमान में चार सरकारी बैंक और चार एनबीएफसी सहयोग कर रहे हैं। जल्द ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के जुड़ने से ज्यादा कर्मचारियों को इसका लाभ मिल सकेगा।
सरकार का दावा है कि योजना का विस्तार प्रदेश के सभी 41 जिलों तक हो चुका है और यह सरकारी कर्मचारियों के लिए सुलभ एवं सम्मानजनक वित्तीय सहायता का प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है।

संबंधित खबरें

स्टेट न्यूज़