असम में विमानन विकास को नई रफ्तार, सिलचर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को जल्द मंजूरी

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु से मुलाकात के दौरान राज्य में प्रस्तावित विमानन परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तृत समीक्षा की

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु से मुलाकात के दौरान राज्य में  प्रस्तावित विमानन परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तृत समीक्षा की। नई दिल्ली स्थित राजीव गांधी भवन में हुई इस  उच्चस्तरीय बैठक में सिलचर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को जल्द मंजूरी देने पर विशेष जोर दिया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने हिमंत बिस्वा सरमा ने  बताया कि चर्चा बेहद सकारात्मक और सार्थक रही। दोनों नेताओं ने असम को पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब बनाने के साझा विजन पर सहमति जताई।

बता दें कि बैठक में असम में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट और हेलिपोर्ट पर फोकस किया गया।  छह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट—सिलचर, मानस, उमरांगसो, माजुली, दीफू और चराइदेव—के साथ-साथ हाफलोंग में प्रस्तावित हेलिपोर्ट परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि सिलचर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए राज्य सरकार ने अधिकांश प्रारंभिक तैयारियां पूरी कर ली हैं और केंद्र सरकार से इसे जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया गया है, ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके। इसके अलावा अन्य प्रस्तावित एयरपोर्ट परियोजनाओं के लिए चल रहे प्री-फीजिबिलिटी स्टडी को तेज करने पर भी सहमति बनी, जिससे इन्हें जल्द अगले चरण में ले जाया जा सके।

बैठक में पश्चिमी असम स्थित रुपसी एयरपोर्ट के विस्तार कार्य की भी समीक्षा की गई। यह एयरपोर्ट क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करने में तेजी से एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि असम में विमानन क्षेत्र का यह दौर बेहद उत्साहजनक है। सरकार का उद्देश्य केवल हवाई संपर्क बढ़ाना नहीं, बल्कि एयरपोर्ट अवसंरचना के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों को गति देना, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करना, पर्यटन को बढ़ावा देना और राज्य के दीर्घकालिक विकास को नई दिशा देना है।

उन्होंने कहा कि इन ग्रीनफील्ड एयरपोर्टों के निर्माण से दूर-दराज के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और असम को पूर्वोत्तर भारत के एक प्रमुख परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स गेटवे के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. के.के. द्विवेदी, असम भवन की रेजिडेंट कमिश्नर कविता पद्मनाभन सहित दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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