मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में शासकीय कार्यों में लापरवाही अधिकारियों पर भारी पड़ गई। यह कार्रवाई जिले में पदस्थ के 17 पटवारियों पर हुई है। फार्मर रजिस्ट्री, बकेट क्लेम, पीएम किसान योजना, किसानों की ई-केवायसी और स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के निष्पादन जैसे महत्वपूर्ण शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने पर 17 पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही दो पटवारियों की दो-दो वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकी गई है। वहीं 164 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किये गये हैं।
अनुविभागीय अधिकारियों ने लिया एक्शन
इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए जिला प्रशासन ने बताया कि अनुविभागीय अधिकारियों की ओर से पटवारियों के निलंबन की कार्रवाई की गई है। अनुविभागीय अधिकारी कलावती ब्यारे की ओर से जबलपुर तहसील के छह और पनागर तहसील में पदस्थ चार पटवारियों को निलंबित किया है। अनुविभागीय राजस्व अधिकारी मदन सिंह रघुवंशी द्वारा शहपुरा तहसील में पदस्थ दो पटवारियों को, अनुविभागीय राजस्व अधिकारी ज्योति परस्ते की ओर से सिहोरा तहसील में पदस्थ दो, मझौली और पोंड़ा तहसील में पदस्थ एक-एक पटवारी को निलंबित करने की कार्रवाई की गई है। इसके अलावा अनुविभागीय राजस्व अधिकारी प्रगति गणवीर की ओर से कुंडम तहसील में पदस्थ एक पटवारी को शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही और अनुशासनहीनता बरतने पर निलंबित किया गया है।
पटवारियों को बार-बार दिए थे निर्देश
जानकारी के मुताबिक निलंबन की कार्रवाई के पहले अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों द्वारा इन पटवारियों को बार-बार निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। जिनके जवाब संतोष नहीं पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है। इनके साथ ही जिन दो पटवारियों की असंचयी प्रभाव से दो वेतन बढ़ोतरी रोकी गई है उनमें मझौल तहसील के राहुल पटेल और अभिषेक विश्वकर्मा शामिल हैं।











