NEET UG री-एग्जाम के रिजल्ट विवाद में नया मोड़, जानें NTA ने क्यों दे डाली कानूनी कार्रवाई की चेतावनी?

नीट यूजी री-एग्जाम का रिजल्ट जारी होने के बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया है।

नीट यूजी री-एग्जाम का रिजल्ट जारी होने के बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया है। परीक्षा में भाग लेने वाले कई अभ्यर्थियों ने इस रिजल्ट पर सवाल खड़े कर दिए। दरअसल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 16 जुलाई को देर रात नीट का रिजल्ट जारी किया था। जिसके बाद अभ्यर्थियों ने अपना रिजल्ट चेक किया तो उन्हें OMR शीट और जारी मार्कशीट के अंकों में बड़ा अंतर सामने आया।

क्या है पूरा विवाद?
अभ्यर्थियों ने कहा कि OMR शीट में उनके अंक ज्यादा थे लेकिन जो रिजल्ट मार्कशीट अब जारी की गई है उस मार्कशीट में उनके कम नंबर आए है। यानि OMR शीट से मिलान पर जो अभ्यर्थी यह परीक्षा पास कर रहे थे वो अब मार्कशीट के आधार पर अब परीक्षा पास नहीं कर पाए हैं। जिसके बाद से अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया। आरोप लगाया की यह गलती नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की जल्दबाजी के कारण हुई है क्योंकि फाइनल आंसर-की जारी करने के सिर्फ 3-4 घंटे बाद ही NTA ने रिजल्ट घोषित कर दिया।

NTA की सख्त चेतावनी
इस विवाद के लगातार बढ़ने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने इस पर संज्ञान लिया। NTA ने सभी शिकायतों की जांच के बाद एक पोस्ट शेयर की है जिसके बाद से इस विवाद ने अब अलग मोड़ ले लिया है। NTA ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर की जिस पर लिखा कि, “सभी शिकायतों की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच में सामने आया है कि जमा की गई कई OMR शीट नकली हैं उन्हें AI से बनाया गया है”। जिसके बाद NTA ने छात्रों और अभिभावकों को सख्त चेतावनी दी है। NTA ने कहा कि वे जांच के लिए सिर्फ असली OMR शीट ही जमा करें। अगर नकली या AI से बनी OMR शीट पाई जाती है तो उस शिकायत करने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

16 जुलाई को रिजल्ट किया था जारी
गौरतलब है कि NTA ने 16 जुलाई की देर रात नीट का रिजल्ट जारी किया था। इस परीक्षा में इस साल करीब 20 लाख स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया था, जिनमें से 11.21 लाख स्टूडेंट्स एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए हैं। 2020 और 2021 के बाद पहली बार कोई भी छात्र 720 का परफेक्ट स्कोर हासिल नहीं कर पाया है।

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