मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पूर्व सरकार पर जमकर कटाक्ष, कहा- “2017 से पहले गांवों को विकास नहीं सिर्फ़ वादे मिले”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व सरकार पर जमकर कटाक्ष किए।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व सरकार पर जमकर कटाक्ष किए। सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए साल 2017 से पहले की स्थिति को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, “2017 से पहले, गांवों को विकास नहीं, बल्कि सिर्फ़ वादे मिलते थे। गांवों के नाम पर राजनीति तो होती रही, लेकिन सिस्टम में न तो पारदर्शिता थी और न ही जवाबदेही। आय और जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोगों को तहसील, पुलिस स्टेशन और ज़िला मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे।”

अब ग्रामीणों को सभी सुविधाएं उपलब्ध
सीएम योगी ने कहा कि, “जिन लोगों ने गांवों में अराजकता और जातिवाद को बढ़ावा दिया, जो गांवों को सिर्फ़ वोट बैंक के तौर पर देखते थे, उन्होंने अपनी राजनीति के कारण गांवों को पीछे छोड़ दिया। हमारी सरकार गांव को विकास की आखिरी कड़ी नहीं, बल्कि नए भारत के लिए आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की पहली इकाई मानकर काम कर रही है। पिछले साढ़े नौ वर्षों में हमारी सरकार ने इस व्यवस्था को बदल दिया है। आज 57,600 ग्राम सचिवालयों के ज़रिए गांवों में ई-ग्राम स्वराज, डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और ग्रामीणों के लिए सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।”

‘ग्राम स्वराज कोई राजनीतिक नारा नहीं’
मुख्यमंत्री ने पोस्ट में आगे कहा कि, “पंचायतों का कामकाज पारदर्शी और जवाबदेह है। ग्राम सचिवालयों के संचालन से हर गांव में 5 से 7 रोज़गार के अवसर पैदा हुए हैं। 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाई जा रही हैं। हमारे लिए ग्राम स्वराज कोई राजनीतिक नारा नहीं है; यह महात्मा गांधी के सपनों के गांवों और उनके आत्मनिर्भर बनने का संकल्प है। ‘सशक्त पंचायतें, समृद्ध गांव और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ यही हमारा ग्राम स्वराज है। हमारे ग्राम स्वराज में परिवार-केंद्रित मॉडल के लिए कोई जगह नहीं है।”

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