बिहार में कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 17 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में बाढ़ और सिंचाई कार्यों, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, जल संसाधन और कारा विभाग से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।
बैठक में अहम फैसला
कैबिनेट बैठक में जल संसाधन विभाग के प्रस्ताव के तहत राज्य योजना मद में बाढ़ और सिंचाई प्रक्षेत्र के लिए विभिन्न विपत्र कोड के अंतर्गत बिहार आकस्मिकता निधि से कुल 1,000 करोड़ रुपए की अग्रिम राशि की मंजूरी दी गई। इससे बाढ़ और सिंचाई से जुड़े जरूरी कार्यों में तेजी लाने का रास्ता साफ होगा। कृषि विभाग के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्रीय क्षेत्र की मखाना विकास योजना के लिए कुल 8979.684 लाख रुपए की लागत पर कार्यान्वयन, राशि निकासी और खर्च की मंजूरी दी गई।
खान एवं भूतत्व विभाग के दो प्रस्ताव मंजूर
खान एवं भूतत्व विभाग के दो प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली। इनमें बिहार राज्य में ईंट सत्र 2024-25 तक ईंट-भट्ठों के बकाया राशि की वन टाइम सेटलमेंट योजना तथा बिहार जिला खनिज फाउंडेशन (संशोधन) नियमावली, 2026 की स्वीकृति शामिल है। जल संसाधन विभाग के एक अन्य प्रस्ताव में बिहार जलस्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026 को मंजूरी दी गई।
छह पदों के सृजन को मंजूरी
इसके अलावा कैबिनेट बैठक में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के तहत बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना में पैरावेट स्कूल की स्थापना के लिए चार अनुदेशक और दो निम्नवर्गीय लिपिक सहित कुल छह पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। इन पदों के सृजन से वार्षिक व्यय भार 45,98,832 रुपए होगा। वहीं पांच राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के कुल 366 रिक्त पदों के विरुद्ध नियमित नियुक्ति होने तक संविदा के आधार पर नियोजन को भी मंजूरी मिली।












